दिल्ली में हुए ब्लास्ट को बाद प्रदेश में हाई अलर्ट जारी है और पुलिस जिले की सीमा से लेकर शहर के अंदर लगातार चेकिंग अभियान चला रही है। अब रेंज के चारों जिलों में ऑपरेशन ब्लैक कैट अभियान शुरू किया गया, जिसके तहत यातायात पुलिस व सिविल पुलिस को आदेश दिए गए है कि वाहनों के शीशे पर लगी काली फिल्म तत्काल प्रभाव से उतारी जाए, ताकि वाहन के अंदर बैठे लोगों की गतिविधियों के बारे में पता चल सके। डीआईजी मेरठ रेंज के आदेश मिलते ही रेंज के चारों जिलों में पुलिस ने काली फिल्म लगे वाहनों के खिलाफ अभियान छेड़ दिया है।
हरियाणा नंबर की कार में विस्फोट हुआ
सोमवार शाम को दिल्ली में लाल किला मेट्रो स्टेशन की पार्किंग नंबर एक के पास हरियाणा नंबर की कार में विस्फोट हुआ था। इस घटना के बाद यूपी में हाई अलर्ट जारी किया था और सभी अधिकारियों को सड़कों पर उतर चेकिंग की निर्देश दिए गए थे।
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चारों जिलों की पुलिस ने अभियान शुरू किया
सोमवार शाम से ही पुलिस जिले की सभी सीमाओं पर बैरियर लगाकर वाहनों की चेकिंग कर रही है और शहर के अंदर एडीजी भानु भास्कर, डीआईजी कलानिधि नैथानी, एसएसपी डा. विपिन ताडा, एसपी सिटी आयुष विक्रम सिंह समेत सभी अधिकारी पैदल गश्त कर स्थिति का लगातार जायजा ले रहे है। अब काली फिल्म लगे वाहनों के खिलाफ रेंज के चारों जिलों की पुलिस ने अभियान शुरू किया है। इस संबंध में डीआईजी मेरठ रेंज कलानिधि नैथानी ने मंगलवार को काली फिल्म लगे वाहनों के खिलाफ अभियान चलाने के आदेश चारों जिलों के पुलिस कप्तानों को दिए है।
वाहन चालकों के विरुद्ध सख्त कार्यवाही
हाईवे से लेकर शहर के अंदर पुलिस ने गाड़ियों के शीशे पर लगी काली फिल्म उतारनी शुरू कर दी। डीआईजी कलानिधि नैथानी ने बताया, मंगलवार से रेंज के चारों जिलों में ऑपरेशन ब्लैक कैट अभियान की शुरुआत की गई है। इस अभियान के अंतर्गत कारों पर ब्लैक फिल्म व काले शीशे लगाकर चलने वाले वाहन चालकों के विरुद्ध सख्त कार्यवाही की जाएगी। शीशे पर काली फिल्म लगी कारों के सड़कों पर चलने की शिकायतें लगातार मिल रही थी, जिससे अपराध की संभावनाएं बढ़ती है और महिलाओं एवं बच्चों की सुरक्षा पर भी विपरीत प्रभाव पड़ता है।
काली फिल्म या टिंटेड ग्लास लगे वाहन पाए जाएंगे
इसको दृष्टिगत रखते हुए महिलाओं व आमजन की सुरक्षा सुनिश्चित करने हेतु ऑपरेशन ब्लैक कैट अभियान शुरू किया गया है। अभियान के तहत ब्लैक शीशे वाले वाहनों की चेकिंग कर तत्काल कार्रवाई की जा रही है। डीआईजी ने बताया, रेंज के सभी पुलिस अधीक्षकों, ट्रैफिक पुलिस अधिकारियों एवं सीओ को निर्देशित किया गया है कि अभियान को गंभीरता एवं कड़ाई से लागू कराया जाए। उन्होंने बताया, जहां भी काली फिल्म या टिंटेड ग्लास लगे वाहन पाए जाएंगे, उन्हें तत्काल सीज किया जाएगा और वाहन स्वामी के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। ऑपरेशन ब्लैक कैट अभियान के दौरान रेंज में 1383 चार पहिया वाहन चेक किए गए और 109 काली फिल्म लगे वाहनों का चालान किया गया।
किस जिले में कितने वाहनों पर हुई कार्रवाई
-मेरठ में 382 वाहन चेक किए गए और 39 काली फिल्म लगे वाहनों का चालान किया गया।
-बुलंदशहर में 221 वाहन चेक किए गए और 21 काली फिल्म लगे वाहनों के चालान हुए।
-बागपत में 235 वाहन चेक किए गए और 21 काली फिल्म लगे वाहनों पर कार्रवाई हुई।
-हापुड़ जिले में 545 वाहन चेक किए गए और काली फिल्म लगे 28 वाहनों का चालान किया गया।
क्या कहता है नियम
-मोटर वाहन अधिनियम के तहत किसी भी काली फिल्म या सामग्री का उपयोग करके वाहन के शीशों की विजिबिलिटी को कम करना वर्जित है, खासकर सुप्रीम कोर्ट के 2012 के आदेश के बाद।
-नियमों के अनुसार, शीशे में विजिबल लाइट ट्रांसमिशन (VLT) होनी चाहिए। सामने और पीछे के शीशे कम से कम 70 प्रतिशत और साइड के शीशे कम से कम 50 प्रतिशत।
-निर्माता द्वारा रंगीन शीशे (tinted glass) अनुमत VLT सीमा के भीतर हो सकते हैं, लेकिन बाद में कोई भी काली फिल्म लगाना अवैध है।