नई दिल्ली। दिल्ली पुलिस ने 5 और 6 फरवरी को चलाएं ऑपरेशन CyHawk 3.0 में साइबर फ्रॉड नेटवर्क पर बड़ा हमला किया। यह अभियान पूरे शहर और देश के 10 से अधिक राज्यों में एकसाथ चलाया गया, जिसमें लगभग 5000 पुलिस कर्मियों ने हिस्सा लिया। ऑपरेशन का उद्देश्य साइबर अपराधियों की वित्तीय और डिजिटल जाल को ध्वस्त करना और नागरिकों को साइबर धोखाधड़ी से बचाना था।
ऑपरेशन CyHawk 3.0 पिछले चार महीनों में तीसरी बड़ी साइबर कार्रवाई है, जो दिल्ली पुलिस की लगातार और रणनीतिक सतर्कता को दर्शाती है। इस दौरान साइबर फ्रॉड नेटवर्क के म्यूल अकाउंट ऑपरेटर, डिजिटल फैसिलिटेटर, SIM लिंक्ड एनाब्लर और वित्तीय माध्यमों पर विशेष कार्रवाई की गई।
दिल्ली पुलिस मुख्यालय में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में रजनीश गुप्ता, संयुक्त आयुक्त पुलिस आईएफएसओ और एस के जैन, संयुक्त आयुक्त पुलिस साउदर्न रेंज ने बताया कि इस कार्रवाई में कुल 6552 लोगों को पूछताछ के लिए बुलाया गया, जिनमें से 955 आरोपी गिरफ्तार हुए। 2563 लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की गई, जबकि नए 299 FIR दर्ज की गई और पुराने 262 FIR भी लिंक किए गए। इस ऑपरेशन में पता चला कि साइबर फ्रॉड के माध्यम से लगभग ₹627 करोड़ की ठगी की गई।
संयुक्त आयुक्त पुलिस रजनीश गुप्ता ने बताया कि इस बड़े अभियान में कई बड़े और संगठित साइबर फ्रॉड मामले उजागर हुए। एक मामले में नकद, विदेशी मुद्रा, सोने-चांदी के गहने 1.8 किग्रा से अधिक, मोबाइल और लैपटॉप बरामद हुए, जो नकली RTO एप्लिकेशन लिंक के जरिए लोगों को ठगने का प्रयास कर रहे थे।
दूसरे मामले में निवेश धोखाधड़ी का नेटवर्क पकड़ा गया, जिसमें ₹9.28 करोड़ म्यूल अकाउंट्स के माध्यम से फंसा हुआ था। इस मामले में 92 SIM कार्ड, 37 मोबाइल फोन, 39 चेकबुक, ATM कार्ड, POS मशीन और डिजिटल उपकरण बरामद हुए।
तीसरे मामले में आरोपी असम और तवांग से पकड़ में आए, जिनके पास से मोबाइल, सोना और लगभग ₹30 लाख की क्रिप्टोकरेंसी फ्रीज की गई। ये मामले साइबर फ्रॉड की भौगोलिक पहुँच और वित्तीय जाल की गंभीरता को उजागर करते हैं।
साइबर सुरक्षा के लिए नागरिकों को एडवाइजरी
संयुक्त आयुक्त पुलिस एस के जैन ने कहा कि दिल्ली पुलिस ने नागरिकों से सतर्क रहने और किसी भी संदिग्ध कॉल, मैसेज, लिंक या अकाउंट की जानकारी तुरंत Sanchar Saathi ऐप या NCRP पोर्टल पर रिपोर्ट करने की अपील की है।
कई आम धोखाधड़ी के तरीकों से बचने के लिए पुलिस ने “STOP – THINK – ACT” का डिजिटल सुरक्षा मंत्र दिया है:
कोई भी पुलिस अधिकारी या सरकारी एजेंसी फोन/ऑनलाइन कॉल पर पैसे की मांग नहीं करेगी।
निवेश धोखाधड़ी और जॉब स्कैम में बिना जांच किए पैसा या जानकारी साझा न करें।
बैंक विवरण, PIN, CVV, पहचान दस्तावेज अजनबियों को न दें।
स्क्रीन शेयरिंग ऐप अनजान व्यक्ति की सलाह पर न इंस्टॉल करें।
सभी महत्वपूर्ण अकाउंट्स में दो-स्तरीय प्रमाणीकरण लगाएं और फोन ऐप्स अपडेट रखें।
साइबर जागरूकता और निरंतर निगरानी
दिल्ली पुलिस स्कूल, कम्युनिटी सेंटर, RWAs और सोशल मीडिया के माध्यम से साइबर जागरूकता अभियान चला रही है।
ऑपरेशन CyHawk 3.0 यह साबित करता है कि पुलिस साइबर अपराधियों पर लगातार दबाव बनाए रखती है और नागरिकों को सुरक्षित डिजिटल वातावरण प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है।
दिल्ली पुलिस आयुक्त सतीश गोलचा ने कहा:
"ऑपरेशन CyHawk यह दिखाता है कि साइबर फ्रॉड सिर्फ एक अपराध नहीं, बल्कि एक संगठित नेटवर्क है। हमारी कोशिश है कि हम समय रहते साइबर अपराधियों पर कड़ी कार्रवाई करें, उनके नेटवर्क को तोड़ें और नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करें।"