मेरठ । प्रदेश सरकार व पुलिस द्वारा यातायात नियमों के प्रति वाहन चालकों को जागरूक करने के लिए चलाए जा रहे अभियान का असर वाहन चालकों पर दिखाई नहीं दे रहा। शहर की सड़कें हो या फिर हाईवे वाहन चालक बेखौफ होकर यातायात नियमों का खुलेआम उल्लंघन कर रहे है और टोकने पर पुलिसकर्मियों के साथ अभद्रता करने से भी गुरेज नहीं करते है। अब ऐसे वाहन चालकों को सबक सिखाने के लिए रेंज के चारों जिलों में डीआईजी ने ऑपरेशन नकेल का आगाज किया है। इसके लिए हर जिले में यातायात क्यूआरटी का गठन कर दिया गया है। साथ ही रेट लाइट का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों के लाइसेंस निलंबित किए जाएंगे और जिन वाहनों का पांच बार चालान हो चुका है। उन्हें सीज किया जाएगा। इस अभियान की खास बात यह है कि डीआईजी खुद इसका नेतृत्व करेंगे।
केंद्र व प्रदेश सरकार के तमाम प्रयासों के बाद भी सड़क हादसों में कमी नहीं आ रही है और लगातार सड़क हादसों में लोगों की अकाल मौत का आंकड़ा बढ़ता जा रहा है। इस पर अंकुश लगाने के लिए डीआईजी मेरठ रेंज कलानिधि नैथानी ने नई पहल की है, जिसके तहत 23 नवंबर से रेंज के चारों जिलों में ऑपरेशन नकेल अभियान शुरू किया जा रहा है। डीआईजी कलानिधि नैथानी ने बताया, यातायात व्यवस्था में सुधार एवं सड़क दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाना वर्तमान सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में से एक है। इसी को ध्यान में रखते हुए मेरठ रेंज के चारों जिलों में बढ़ते यातायात दबाव, अव्यवस्थित पार्किंग, यातायात नियमों की अनदेखी और सड़क दुर्घटनाओं की बढ़ती घटनाओं के देखते हुए आठ दिवसीय यह विशेष अभियान चलाया जा रहा है। जिसका नाम ऑपरेशन नकेल रखा गया है। उन्होंने बताया, यातायात पुलिस के अतिरिक्त समय-समय पर जारी अन्य आदेशों का भी समस्त थाना प्रभारी एवं सीओ अपने अपने क्षेत्र में प्रभावी कार्रवाई करना सुनिश्चित करेंगे। इस अभियान का नेतृत्व वह खुद करेंगे।
अभियान के मुख्य उद्देश्य -यातायात नियमों का पालन सख्ती से सुनिश्चित कराना।
-अवैध पार्किंग एवं अतिक्रमण पर कार्रवाई होगी। -बिना लाइसेंस व फर्जी रजिस्ट्रेशन के चलने वाले वाहनों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।
-फर्जी परमिट एवं परमिट में शर्तों का उल्लंघन करने वाले वाहनों पर एक्शन होगा।
-फर्जी ड्राइविंग लाइसेंस के वाहन चलाने वालों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।
-सार्वजनिक स्थानों पर बेतरतीब लंबी अवधि से खड़े वाहनों पर कार्रवाई की जाएगी।
-सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाना और सुरक्षित यातायात संस्कृति विकसित करना होगा।
कार्रवाई का खाका
-जिन वाहन चालकों के पांच से अधिक चालान लंबित है, ऐसे वाहन चालकों को पहले नोटिस भेजा जाएगा। नियत तिथि पर जुर्माना न भरने पर संबंधित वाहन स्वामी एवं चालक के ड्राइविंग लाइसेंस के निरस्त कराने की कार्रवाई की जाएगी।
-जिन वाहन चालकों के वाहनों से एक्सीडेंट की घटनाओं से लोग घायल हुए है या फिर उनकी मृत्यु हुई है, उनके वाहन स्वामी व चालक के ड्राइविंग लाइसेंस के निरस्त कराए जाने की कार्रवाई भी की जाएगी।
इन नियमों का उल्लंघन करने पर लाइसेंस निलंबित होगा -रेड लाइट का उल्लंघन करना।
-शराब पीकर वाहन चलाना।
-वाहन चलाते समय मोबाइल फोन का प्रयोग करना।
-अपने वाहन को अधिक गति सीमा से चलाना।
क्रेन द्वारा की जाने वाली कार्यवाही
-सार्वजनिक मार्गों पर ट्रक, बस आदि खड़ा करने से दुर्घटना घटित होती हौ तो ऐसे वाहनों को क्रेन द्वारा उठाकर सीज किया जाएगा।
नई ट्रैफिक क्यूआरटी टीम गठित डीआईजी ने बताया, शनिवार से नई ट्रैफिक क्यूआरटी टीम हर जिले में गठित कर दी गई है। टीम में एक टीएसआई व चार यातायात कांस्टेबल नियुक्त होंगे। उक्त ट्रैफिक क्यूआरटी क्षेत्र में आवश्यकतानुसार मूव करेगी और क्रेन को साथ लेकर मुख्य मार्गों व बाजारों में यातायात व्यवस्था बनाए रखेगी। ऐसे वाहनों को पुलिस लाइन में लाया जाएगा।
क्यूआरटी को दिए ये निर्देश
-पुलिसकर्मी किसी के साथ दुर्व्यवहार न करें और अपना कार्य शालीनता व कड़ाई से करे।
-बुजुर्ग, महिला, दिव्यांगों व एम्बुलेंस, मरीज, किसान, नौकरीपेशा लोग व अन्य आकस्मिक सेवाओं आदि को कोई असुविधा न होने दे।
-चेकिंग के दौरान कोई पक्षपात व भेदभाव आदि न किया जाय यथा सम्भव वीडियो रिकॉर्डिंग की जाए। (मय बॉडी वॉर्न कैमरा)।
-शहर के विशेष चौराहों पर विशेष चेकिंग अभियान।
-ट्रैफिक पुलिस की अतिरिक्त तैनाती।
-नियम तोड़ने वालो पर अतिरिक्त जुर्माना व त्वरित कानूनी कार्रवाई।
-सोशल मीडिया एवं स्थानीय समाचार पत्रों के माध्यम से जन जागरूकता अभियान।