भारत-पाकिस्तान युद्ध के बाद हुए सीजफायर के बावजूद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बार-बार दोहरा रहे हैं कि "ऑपरेशन सिंदूर अभी खत्म नहीं हुआ है." उनका यह बयान न सिर्फ पाकिस्तान को चेतावनी है, बल्कि देश के नागरिकों को भी यह भरोसा दिला रहा है कि सरकार सतर्क और तैयार है. 12 मई को राष्ट्र के नाम संबोधन में पीएम ने इसे भारत की आतंकवाद विरोधी नीति बताया.
रक्षा मंत्री का संदेश: 'अब तक तो वार्म अप था'
30 मई को नौसेना कार्यक्रम में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सेना को सतर्क रहने का संदेश देते हुए कहा, "अब तक जो हुआ, वो तो वार्म अप था." यह बयान भविष्य में और सख्त कार्रवाई की संभावना को दर्शाता है.
तीन सिद्धांतों पर आधारित नई नीति
मोदी की इस नीति के तीन स्पष्ट स्तंभ हैं:
निर्णायक जवाबी कार्रवाई
परमाणु धमकियों की अनदेखी
पाक सेना और आतंकवादियों को एक मानना
यह रुख भारत की ‘नई सामान्य’ सुरक्षा नीति को रेखांकित करता है.
घरेलू राजनीति और चुनावी रणनीति से जुड़ाव
मोदी बार-बार ‘ऑपरेशन सिंदूर’ को रैलियों का मुख्य विषय बना रहे हैं, जिससे जनता को एकजुट करने और भाजपा के हिंदुत्व एवं राष्ट्रवाद के नैरेटिव को बल मिल रहा है. खासतौर से बिहार और 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए, यह एक सशक्त राजनीतिक संदेश बन गया है.
सांस्कृतिक जुड़ाव और राष्ट्रवादी भावना
पीएम ने इसे "संस्कारों और भावनाओं की अभिव्यक्ति" बताते हुए कहा कि यह नाम उस पीड़ा से जुड़ा है जो पहलगाम हमले में महिलाओं के सिंदूर छिनने से उपजी थी. इसके ज़रिए वे देश में देशभक्ति, वोकल फॉर लोकल, और एकजुटता की भावना को बढ़ावा दे रहे हैं.