पाकिस्तान को उसकी जमीन पर पटखनी देने वाले ऑपरेशन सिंदूर को एक साल हो गए हैं। एक ऐसा अभियान जिसने भारत के आतंकवाद-विरोधी नीति में आए निर्णायक बदलाव को दर्शाया। एक रिपोर्ट के अनुसार, ऑपरेशन ने राष्ट्रीय सुरक्षा और आतंकवाद को लेकर भारत के सख्त दृष्टिकोण को बखूबी बयां किया।
आतंकी ठिकानों को नेस्तनाबूद कर दिया
यह सैन्य अभियान 6 और 7 मई 2025 को भारतीय सशस्त्र बलों ने शुरू किया था। इसका मकसद 2025 पहलगाम आतंकी हमले का जवाब देना था, जिसमें पाकिस्तान समर्थित आतंकवादियों ने 26 निर्दोष लोगों की हत्या कर दी थी। ऑपरेशन के दौरान भारतीय सेना ने पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर स्थित नौ बड़े आतंकी ठिकानों को नेस्तनाबूद कर दिया था।
भारत अब अधिक कठोर कार्रवाई के लिए तैयार
श्रीलंका गार्डियन में प्रकाशित ए. जतीन्द्र की रिपोर्ट “वन ईयर ऑफ्टर ऑपरेशन सिंदूर: इंडियाज डॉक्टरीन ऑफ रिसॉल्व में कहा गया कि यह अभियान सैन्य सटीकता, राजनीतिक इच्छाशक्ति और रणनीतिक स्पष्टता का उदाहरण था। रिपोर्ट के अनुसार, इस अभियान ने आतंकवाद के खिलाफ भारतीय रुख को लेकर वैश्विक धारणा भी बदली और यह संकेत दिया कि राष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दे पर भारत अब अधिक कठोर कार्रवाई के लिए तैयार है।
रिपोर्ट में कहा गया कि ऑपरेशन सिंदूर का महत्व केवल सैन्य कार्रवाई तक सीमित नहीं है, बल्कि यह भारत की नई सुरक्षा नीति का व्यापक संदेश भी देता है। इसमें कहा गया कि “शांति बनाए रखने के लिए शक्ति और दूरदृष्टि दोनों आवश्यक हैं” और इसी संतुलन में भारत की नई सुरक्षा नीति की दिशा दिखाई देती है।
अभियान में 100 से अधिक आतंकवादी मारे गए
रिपोर्ट में रक्षा मंत्रालय की ओर से जयपुर में आयोजित संयुक्त कमांडर्स सम्मेलन के दौरान जारी 28 मिनट की डॉक्यूमेंट्री का भी उल्लेख किया गया। इसमें ऑपरेशन सिंदूर को “दंडात्मक और लक्षित अभियान” बताया गया, जिसका उद्देश्य नियंत्रण रेखा और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर के भीतर आतंकी ढांचे को नष्ट करना था। डॉक्यूमेंट्री के अनुसार, अभियान में 100 से अधिक आतंकवादी मारे गए।
हमले का जवाब भारत अपनी शर्तों पर देगा
रिपोर्ट में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बयान का उल्लेख किया गया, जिसमें उन्होंने कहा था कि भारत “हर आतंकवादी और उसके समर्थकों की पहचान करेगा, उनका पीछा करेगा और उन्हें सजा देगा।” उन्होंने यह भी चेतावनी दी थी कि भारत पर भविष्य में होने वाले किसी भी हमले का जवाब भारत अपनी शर्तों पर देगा। रिपोर्ट में भारतीय सेना के उप-थल सेना प्रमुख राजीव घई के बयान का भी जिक्र है, जिसमें उन्होंने कहा था कि “यह मिशन अंत नहीं, बल्कि आतंकवाद के खिलाफ भारत के निरंतर अभियान की शुरुआत है।”