'ब्रह्मोस मिसाइल' जिसने पाकिस्तान को तबाह किया था. जब भारत की सेना ने ऑपरेशन सिंदूर में आतंक के खिलाफ दुश्मनों को करारा जवाब दिया तो पूरा देश गर्व से खड़ा हो गया लेकिन एक सलाम ऐसा भी है जो बंदूक से नहीं बुनाई से दिया गया है, ये सुनकर हैरानी की बात नहीं सच है दरअसल वाराणसी जो बनारसी साड़ियों का घर है वो अब देशभक्ति की नई बुनाई का गढ़ बढ़ा, यहां के बुनकरों ने कुछ ऐसा कर दिखाया जो पूरे देश के दिल को छू गया.
बनारसी साड़ियों में ऑपरेशन सिंदूर की झलक
बता दें ऑपरेशन सिंदूर में इस्तेमाल हुए भारतीय हथियार जैसे ब्रह्मोस मिसाइल राफेल फाइटर जेट, एस-400 डिफेंस सिस्टम और उन्नत ड्रोन. अब इन हथियारों की तस्वीरें साड़ियों की डिजाइन बन गई है. अब साड़ियों पर देश की सैन्य शक्ति की चमक है. वाराणसी के चौक इलाके के बुनकरों ने इन खास डिजाइनों को एक हफ्ते के भीतर तैयार कर दिखाया है. ये सिर्फ धागों की कारीगरी नहीं यह देश के लिए दिल से निकली श्रद्धांजलि है. अभी तक सिर्फ 8 से 10 साड़ियां बनी है लेकिन जैसे ही तस्वीरें सामने आई, देश भर से आर्डर आने लगे. फिर भी बुनकरों ने साफ कह दिया, हम ऑर्डर नहीं ले रहे. ये व्यापार नहीं देशभक्ति है.
व्योमिका सिंह और सोफिया कुरैशी को गिफ्ट करने की चाह
इन साड़ियों को वो भारतीय सेना के महिला अधिकारी वयोमिका सिंह और सोफिया कुरैशी को गिफ्ट करना चाहते हैं. उनका मानना है हम सीमा पर जाकर दुश्मनों से नहीं लड़ सकते लेकिन अपने हुनर से फौज का हौसला जरूर बढ़ा सकते हैं. जिस बनारसी साड़ी को अब तक शादी ब्याह और त्योहारों की शान माना जाता था वो अब देश की सुरक्षा और गर्व की पहचान बन रही है. बुनकर कहते हैं जब हमने राफेल और ब्रह्मोस को धागों में उतारा तो ऐसा लगा जैसे हम भी ऑपरेशन सिंदूर का हिस्सा बन गए.