देशभर में नशे का कारोबार लगातार फैलता जा रहा है। तमाम सख्त निगरानी और कार्रवाईयों के बावजूद तस्कर नए-नए तरीके अपनाने से नहीं चूक रहे। मध्य प्रदेश के रतलाम जिले में ऐसा ही एक चौंकाने वाला मामला सामने आया, जहां पंजाब भेजी जा रही भारी मात्रा में अफीम को आलू चिप्स के पैकेटों में छिपाकर ले जाया जा रहा था। केंद्रीय एजेंसी और स्थानीय पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई कर इस हाई-प्रोफाइल तस्करी का पर्दाफाश किया है।
फिल्मी स्टाइल में चली ऑपरेशन की पूरी कहानी
गोपनीय सूचना के आधार पर नारकोटिक्स टीम को पता चला कि दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे से होकर एक ट्रक पंजाब की ओर अफीम का बड़ा खेप लेकर जा रहा है। इसके बाद जावरा और गरोठ पुलिस की संयुक्त टीम ने जाल बिछाया। संदिग्ध ट्रक को बरडि़या आमरा क्षेत्र में मेवात ढाबे के पास खड़ा पाया गया। टीम ने करीब डेढ़ घंटे तक छिपकर ट्रक पर निगरानी रखी। जब कोई व्यक्ति ट्रक के पास नहीं आया, तब अधिकारियों ने जांच शुरू की।
52 बोरियों से निकली 1500 किलो अफीम
तलाशी के दौरान जब ट्रक की बोरियां खोली गईं तो उसमें आलू चिप्स के पैकेटों की परतों के नीचे छिपाई गई 52 बोरियों से करीब 1500 किलो अफीम भूसा मिला। ये अफीम ताल क्षेत्र से पंजाब ले जाई जा रही थी। तस्करों ने ट्रक पर असम या पंजाब के फर्जी रजिस्ट्रेशन नंबर का इस्तेमाल किया था ताकि जांच एजेंसियों को गुमराह किया जा सके।
नशे के विरुद्ध अभियान में बड़ी सफलता
यह कार्रवाई नशे के खिलाफ चल रहे विशेष अभियान के तहत की गई। इतनी बड़ी मात्रा में अफीम की बरामदगी ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि मध्य प्रदेश नशे की सप्लाई चेन का एक अहम रूट बनता जा रहा है। पुलिस अब ट्रक मालिक और तस्कर गिरोह के नेटवर्क की तहकीकात में जुट गई है।