Voter List In UP: उत्तर प्रदेश में मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने के लिए शनिवार को प्रदेशभर के मतदान केंद्रों पर विशेष पंजीकरण अभियान चलाया गया। इस दौरान सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक बूथ लेवल अधिकारी (BLO) मौजूद रहे। मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने पात्र नागरिकों से मतदाता सूची में अपना नाम जुड़वाने के लिए आवेदन करने की अपील की। अभियान का मुख्य उद्देश्य विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के दौरान सूची में नाम दर्ज कराने से छूट गए लोगों और पहली बार मतदान करने जा रहे युवाओं को मतदाता बनाना है।
यूपी में करोड़ों पात्र लोगों के नाम जोड़ने पर जोर
मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा के मुताबिक, उत्तर प्रदेश में 18 वर्ष से अधिक उम्र की अनुमानित आबादी करीब 16.17 करोड़ है, जबकि मतदाता सूची में 13 करोड़ से अधिक मतदाताओं के नाम दर्ज हैं। ऐसे में पात्र नागरिकों को मतदाता सूची से जोड़ने के लिए अभियान चलाया जा रहा है। खास तौर पर युवाओं और महिलाओं का पंजीकरण बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है, ताकि कोई भी पात्र व्यक्ति मतदान के अधिकार से वंचित न रहे।
फॉर्म-6 भरकर कर सकते हैं आवेदन
मतदाता सूची में पहली बार नाम जुड़वाने के लिए पात्र नागरिक फॉर्म-6 के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं। इसके अलावा निर्धारित प्रक्रिया के तहत नाम हटाने या मतदाता सूची में संशोधन के लिए फॉर्म-7 और फॉर्म-8 का इस्तेमाल किया जाता है। अधिकारियों के अनुसार, आवेदन के साथ जरूरी जानकारी और दस्तावेज उपलब्ध कराने होंगे। आवेदन की जांच और पात्रता का सत्यापन निर्वाचन आयोग के निर्धारित नियमों के अनुसार किया जाएगा।
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2003 की वोटर लिस्ट में नाम होना जरूरी नहीं
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने स्पष्ट किया कि मौजूदा सामान्य पंजीकरण प्रक्रिया में नाम जुड़वाने के लिए पिता, दादा-दादी या परिवार के किसी अन्य सदस्य का वर्ष 2003 की मतदाता सूची में नाम होना अनिवार्य नहीं है। उन्होंने यह भी बताया कि SIR के दौरान मतदाता सूची से बाहर हुए लोगों के नाम भी निर्धारित जांच और सत्यापन के बाद जोड़े जा सकते हैं। डुप्लीकेट प्रविष्टियों को रोकने के लिए भी जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं।
BLO और हेल्प डेस्क की व्यवस्था के निर्देश
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने सभी जिला निर्वाचन अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि मतदान केंद्रों पर बीएलओ की मौजूदगी सुनिश्चित की जाए। साथ ही, पर्याप्त संख्या में फॉर्म-6 उपलब्ध कराने और मतदाताओं की सहायता के लिए हेल्प डेस्क बनाने को कहा गया है। आगे विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण (SSR) की प्रक्रिया के दौरान राजनीतिक दलों को मतदाता सूची उपलब्ध कराई जाएगी और आपत्तियां दर्ज कराने का अवसर भी दिया जाएगा। अधिकारियों का कहना है कि अभियान का उद्देश्य सभी पात्र नागरिकों को मतदाता सूची में शामिल करना है।