
संसद के मानसून सत्र के दौरान एक बार फिर से विपक्षी दलों ने जोरदार हंगामा किया है. इस बार विरोध का कारण बना है SIR, यानी स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (Special Intensive Revision). विपक्ष का आरोप है कि इस प्रक्रिया के जरिए चुनाव से पहले मतदाता सूची में हेरफेर की जा रही है, और सरकार इसे एक "साजिश" के तहत अंजाम दे रही है.
संसद के बाहर हुआ प्रदर्शन
इस मुद्दे को लेकर विपक्षी सांसदों ने संसद भवन के 'मकर द्वार' के सामने एकजुट होकर प्रदर्शन किया. दिल्ली में हो रही बारिश के बावजूद सांसद पीछे नहीं हटे. कई सांसदों ने सिर पर रुमाल या गमछा रखकर बारिश में भी विरोध प्रदर्शन जारी रखा. वो बैनर और तख्तियां लेकर सरकार के खिलाफ नारेबाज़ी कर रहे थे.
क्या है SIR प्रक्रिया?
SIR (Special Intensive Revision) एक विशेष प्रक्रिया है जिसके तहत मतदाता सूची की गहराई से समीक्षा और अद्यतन (अपडेट) किया जाता है. विपक्ष का आरोप है कि इसमें निष्पक्षता नहीं बरती जा रही और यह प्रक्रिया चुनाव से पहले जानबूझकर कुछ समुदायों को बाहर करने या जोड़ने के लिए इस्तेमाल की जा रही है.
विपक्ष की मांग क्या है?
विपक्षी दलों ने सरकार से इस पूरे मामले में साफ़ जवाब देने की मांग की है और संसद में इस पर विस्तृत चर्चा कराने को कहा है. साथ ही एक निष्पक्ष जांच कराने की मांग भी रखी है. विपक्ष का कहना है कि यह सिर्फ प्रशासनिक प्रक्रिया नहीं, बल्कि लोकतंत्र और मतदाता अधिकारों से जुड़ा बड़ा मुद्दा है.
विरोध में शामिल हुए कई बड़े नेता
इस विरोध प्रदर्शन में कई प्रमुख विपक्षी दलों के नेता शामिल हुए. सभी ने एक स्वर में सरकार पर आरोप लगाया कि वह मतदाता सूची में मनमानी कर रही है, जिससे चुनाव की निष्पक्षता खतरे में पड़ सकती है.