मंगलवार सुबह हजारों कर्मचारियों के लिए बेहद चौंकाने वाली रही, जब ओरेकल कॉर्पोरेशन में काम कर रहे लोगों को अचानक नौकरी खत्म होने का ईमेल मिला। सुबह करीब 6 बजे आए इस मेल ने कर्मचारियों को हैरान कर दिया क्योंकि पहले से किसी तरह की छंटनी का कोई संकेत नहीं दिया गया था।
हजारों कर्मचारियों पर असर
रिपोर्ट्स के अनुसार, इस छंटनी से दुनिया भर में करीब 30,000 कर्मचारी प्रभावित हुए हैं, जो कंपनी के कुल वर्कफोर्स का लगभग 18 प्रतिशत है। यह कटौती ओरेकल हेल्थ, सेल्स, क्लाउड, कस्टमर सक्सेस और नेटसूट जैसे कई अहम विभागों में की गई है। भारत में भी इसका असर गंभीर रहा है, खासकर पुणे और हैदराबाद में।
बिना चेतावनी खत्म हुई नौकरी
पुणे के एक वरिष्ठ आईटी इंजीनियर ने बताया कि वह रोज की तरह काम शुरू करने पहुंचे, लेकिन उनका सिस्टम एक्सेस बंद था। कुछ देर बाद ईमेल के जरिए नौकरी खत्म होने की जानकारी मिली। 12 साल तक कंपनी में काम करने के बावजूद उन्हें पहले कोई सूचना नहीं दी गई, जिससे कर्मचारियों में गहरा आक्रोश और निराशा देखने को मिली।
आर्थिक संकट की चिंता बढ़ी
कई कर्मचारियों ने बताया कि उन्होंने हाल ही में घर खरीदा है या बच्चों की पढ़ाई का खर्च उठा रहे हैं। नौकरी जाने के बाद अब ईएमआई और घर खर्च को लेकर चिंता बढ़ गई है। हैदराबाद के एक कर्मचारी ने कहा कि अच्छा प्रदर्शन और प्रमोशन मिलने के बावजूद उन्हें अचानक बाहर कर दिया गया, जिससे भविष्य को लेकर अनिश्चितता बढ़ गई है।
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मुआवजा मिला लेकिन राहत नहीं
कंपनी ने कर्मचारियों को चालू महीने का वेतन, दो महीने की अतिरिक्त सैलरी और बची छुट्टियों का भुगतान देने की पेशकश की है। हालांकि कर्मचारियों का कहना है कि यह मुआवजा अस्थायी राहत जरूर देता है, लेकिन नई नौकरी मिलना सबसे बड़ी चुनौती बनी हुई है।
भविष्य में क्या होंगे हालात
विशेषज्ञों का मानना है कि आईटी सेक्टर में साल के अंत में कुछ हद तक छंटनी सामान्य होती है, लेकिन इस बार इसका स्तर काफी ज्यादा है। इसके पीछे वैश्विक आर्थिक दबाव, बदलती तकनीक और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का बढ़ता इस्तेमाल प्रमुख कारण माने जा रहे हैं। हालांकि उम्मीद जताई जा रही है कि वित्त वर्ष 2026–27 में नए अवसर भी सामने आ सकते हैं।