Orchha Temple MP: रक्षाबंधन भाई-बहन के पवित्र रिश्ते का त्योहार है, लेकिन मध्यप्रदेश के निवाड़ी जिले में स्थित एक ऐसा मंदिर है जहां हर बहन अपने सगे भाई के साथ नहीं, बल्कि एक ‘अमर भाई’ को राखी बांधती है। यह मंदिर ओरछा के लाला हरदौल बाबा का है, जिन्हें आज भी बहनों का सच्चा रक्षक और त्याग की मूर्ति माना जाता है। रक्षाबंधन पर यहां लाखों बहनें लाला हरदौल को राखी चढ़ाकर अपनी मनोकामनाएं पूरी होने की प्रार्थना करती हैं।
लाला हरदौल बाबा की अनोखी आस्था
ओरछा स्थित यह मंदिर वीरता, भाईचारे और बलिदान का प्रतीक है। हरदौल बाबा बुंदेला वंश के राजा वीर सिंह जूदेव के पुत्र थे, जिन्होंने अपनी बहन की रक्षा के लिए प्राण तक न्यौछावर कर दिए थे। तब से वे बहनों के लिए आस्था और श्रद्धा के केंद्र बन गए।
राखी चढ़ाने की परंपरा
यहां मान्यता है कि जिन बहनों का भाई नहीं रहा, उनके लिए लाला हरदौल ‘अमर भाई’ बन जाते हैं। रक्षाबंधन पर बहनें मंदिर पहुंचती हैं, राखी, नारियल और मिठाई लेकर सीधे उनकी समाधि पर चढ़ावा चढ़ाती हैं और मनोकामना मांगती हैं।
पुजारी नहीं, बहनें करती हैं पूजा
इस मंदिर की खास बात यह है कि यहां रक्षाबंधन पर कोई पुजारी पूजा नहीं करता, बल्कि बहनें स्वयं लाला हरदौल की पूजा करती हैं। वे राखी बांधती हैं, माथा टेकती हैं और उनसे अपने भाई की लंबी उम्र या अपनी खुशियों की दुआ मांगती हैं।
हर साल उमड़ती है भीड़
रक्षाबंधन के दिन यहां दूर-दूर से श्रद्धालु आते हैं। भाई-बहन दोनों इस पवित्र स्थान पर साथ में दर्शन करते हैं। यह मंदिर अब केवल धार्मिक स्थल नहीं, एक सांस्कृतिक विरासत बन चुका है।