राजा रघुवंशी हत्याकांड में आरोपी सोनम रघुवंशी को हाल ही में जमानत मिल गई है। वो 10 महीने से शिलॉन्ग जेल में बंद थी। कोर्ट ने शर्त रखी है कि सोनम शिलांग छोड़कर नहीं जा सकती और रोज थाने में हाजिरी लगानी होगी। जमानत के बाद भाई गोविंद रघुवंशी ने कई बयान दिए हैं। पहले गोविंद अपनी बहन के खिलाफ था, राजा के परिवार के साथ खड़ा था और बोला था कि "सोनम को फांसी दे दी जानी चाहिए"। उसने कहा था कि "हमने सोनम के साथ सभी संबंध तोड़ दिए हैं...हम राजा की ओर से लड़ेंगे"। लेकिन बाद में गोविंद का रुख बदला.
बहन से मिलने की इच्छा
गोविंद ने कहा कि "अब मैं अपनी सोनम से मिलना चाहता हूं। और उससे कुछ सवाल करना चाहता हूं"। उसने ये भी कहा कि "पहले सोनम से मिलना है, उसके बाद कोई फैसला लूंगा"। इस बीच सोनम के भाई गोविंद ने कहा, वो केस नहीं लड़ रहे हैं. उन्होंने बताया कि सोनम को सरकारी वकील मिल गया है. गोविंद ने साफ किया कि सोनम से हमारे परिवार का किसी तरह का संबंध नहीं है. हम उसे कभी अपने घर इंदौर नहीं लाने वाले।
पिंडदान और परिवार को लेकर बयान
गोविंद ने कहा कि "राजा के परिवार वाले अगर सोनम का पिंडदान करना चाहते हैं, तो कर सकते हैं। क्योंकि वह अब उनकी बहू थी"। साथ ही बोला कि "अब हम हमारी बेटी का पिंडदान नहीं कर सकते। क्योंकि वह अब राजा रघुवंशी की पत्नी है"।
जेवर लौटाने की बात
गोविंद ने बताया कि शादी में दिए गए 15 लाख के जेवर थाने में लिखा-पढ़ी करके राजा के परिवार को लौटा दिए गए। वकील करने पर गोविंद ने कहा कि "अभी तक किसी वकील से बात नहीं की है" और "मेरे पास रोजाना 10-15 वकीलों के फोन आ रहे हैं, लेकिन अभी वकील हम नहीं करना चाह रहे हैं"। कुल मिलाकर, गोविंद पहले बहन के खिलाफ था और राजा के परिवार के साथ था, लेकिन अब वो सोनम से मिलकर सवाल करना चाहता है। वहीं राजा का परिवार गोविंद पर भी झूठ बोलने का आरोप लगा रहा है।