हिमाचल प्रदेश विधानसभा में विपक्ष के नेता जयराम ठाकुर ने बुधवार को प्रेसवार्ता कर विभिन्न पहलुओं पर अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू का जिक्र करते हुए कहा कि उन्हें यह बात समझनी होगी कि वे सीएम पद पर काबिज हैं। लिहाजा, उन्हें अपने पद की गरिमा में बने रहना होगा। वह अपनी गरिमा को पार नहीं कर सकते हैं। मौजूदा समय में उनके व्यवहार ने इस पद की गरिमा को कमतर आंकने की कोशिश की है। उन्हें यह समझना होगा कि वे सिर्फ एक सीएम हैं, लिहाजा, वे कानून से ऊपर नहीं हो सकते हैं।
जयराम ठाकुर ने दावा किया
विपक्ष के नेता जयराम ठाकुर ने दावा किया कि मौजूदा समय में स्थिति ऐसी बन चुकी है कि राज्य में सिर्फ कांग्रेस पदाधिकारियों को काम देकर अधिकारियों को अनदेखा किया जा रहा है। बेरोजगारों को रोजगार देने का मतलब समझ में भी आता है, लेकिन यहां गजब की स्थिति देखने को मिल रही है, जहां सिर्फ कांग्रेस पदाधिकारियों को ही काम दिया जा रहा है। इस पूरी प्रक्रिया को संपन्न करने से पहले मेरिट को इग्नोर किया जा रहा है। सीएम इस बात को भलीभांति समझ रहे हैं। इसी को देखते हुए सीएम ने निर्धारित एजेंसियां भी ली हैं। इसे लेकर बीते दिनों हाई कोर्ट ने सवाल भी किया था कि आपने जो एजेंसियां ली हैं, आखिर उसका आधार क्या है? आपने जिन्हें रिजेक्ट किया था, उसका क्या हुआ? आने वाले दिनों में इसे लेकर जांच होनी चाहिए।
वंदे मातरम नहीं गाएंगे
उन्होंने कहा कि सीएम ने विधानसभा का मानसून सत्र शुरू होने से पहले ही यह साफ कर दिया था कि वह वंदे मातरम नहीं गाएंगे। विधानसभा का मानसून सत्र शुरू होने से पहले राष्ट्रगान का गायन हुआ। इस बीच गायन के दौरान सभी सदस्य सम्मानपूर्वक खड़े हुए हैं। इसके बाद विपक्ष ने विधानसभा के सदस्यों से राष्ट्रगीत गाने का आग्रह किया। मैं समझता हूं कि विपक्ष ने कुछ गलत नहीं कहा था।
राष्ट्रगीत और राष्ट्रगान का गायन हुआ
15 अगस्त के मौके पर भी राष्ट्रगीत और राष्ट्रगान का गायन हुआ। ऐसी ही स्थिति कई विधानसभा में देखने को मिली, लेकिन अफसोस की बात है कि कांग्रेस के लोग इस बात पर अड़े हुए हैं कि हम राष्ट्रगीत नहीं गाएंगे। इसे लेकर मैं पहले भी आपत्ति दर्ज करा चुका हूं। गौर करने वाली बात है कि यहां पर राष्ट्रगीत का दो छंद ही नहीं, बल्कि पूरा राष्ट्रगीत ही नहीं गाया गया। इसे लेकर अगर विपक्ष ने विधानसभा में अपनी बात रखी तो मुझे नहीं लगता है कि कुछ गलत कहा गया। अब कांग्रेस के लोगों ने अपनी गलती को छुपाने के लिए यह अवधारणा प्रचारित कर दी कि भाजपा ने राष्ट्रगान का अपमान किया है।