पाकिस्तानी पत्रकार नजम सेठी ने दावा किया है कि पाकिस्तान का परमाणु बम भारत के खिलाफ है न कि इजरायल या अमेरिका के खिलाफ। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान का परमाणु बम रक्षात्मक है और इसका उद्देश्य भारत को रोकना है।
भारत को ध्यान में रखकर बनाया
पाकिस्तान के पूर्व उच्चायुक्त अब्दुल बासित ने भी कहा है कि पाकिस्तान का परमाणु कार्यक्रम भारत को ध्यान में रखकर बनाया गया है और इसका निशाना अमेरिका नहीं है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान के पास ऐसे हथियार हैं जो मुंहतोड़ जवाब देने में सक्षम हैं।
ईरान के दावे को झूठा बताया
हालांकि, पाकिस्तान ने ईरान के दावे को झूठा बताया है जिसमें कहा गया था कि पाकिस्तान इजरायल पर परमाणु हमला करेगा। पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने कहा कि पाकिस्तान की परमाणु क्षमता उसके लोगों के हित में है और इसका उद्देश्य देश की रक्षा करना है।
पाकिस्तान के परमाणु कार्यक्रम के पीछे कई कारण हैं:
1. भारत के साथ तनाव: पाकिस्तान और भारत के बीच 1947 में विभाजन के बाद से ही तनाव चल रहा है। पाकिस्तान ने भारत के साथ तीन युद्ध लड़े हैं और उसे लगता है कि परमाणु हथियार उसकी सुरक्षा के लिए आवश्यक हैं।
2. राष्ट्रीय सुरक्षा: पाकिस्तान का मानना है कि परमाणु हथियार उसकी राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए आवश्यक हैं। उसे लगता है कि भारत के पास परमाणु हथियार हैं, इसलिए उसे भी अपनी सुरक्षा के लिए परमाणु हथियार रखने होंगे।
3. प्रतिष्ठा और शक्ति: पाकिस्तान को लगता है कि परमाणु हथियार उसे अंतरराष्ट्रीय मंच पर प्रतिष्ठा और शक्ति देंगे।
4. आंतरराष्ट्रीय दबाव: पाकिस्तान को लगता है कि परमाणु हथियार उसे आंतरराष्ट्रीय दबाव से बचाएंगे। उसे लगता है कि अगर वह परमाणु हथियार नहीं रखता, तो उसे आंतरराष्ट्रीय दबाव का सामना करना पड़ सकता है