UP News: उत्तर प्रदेश में माफ किये गये 13 लाख ट्रैफिक चालान में से चार लाख चालान फिर भरने होंगे।2017 से 2021 के बीच गंभीर प्रकृति के चालान का जुर्माना भरना होगा। गंभीर अपराध वाले चालान फिर सक्रिय किये जाएंगे। यह निर्णय सुप्रीम कोर्ट की ओर से गंभीर अपराधों के चलानो की माफी पर टिप्पणी के बाद हुआ है। शासन ने इस मामले में परिवहन विभाग को जिम्मेदारी दी है।
30 से 35 प्रतिशत तक जुर्माना भरना पड़ सकता
माफ किए गए चालान में से 30 से 35 प्रतिशत तक जुर्माना भरना पड़ सकता है। परिवहन विभाग की तरफ से प्रदेश के सभी जिलों में कमेटी बनाई जाएगी। यूपी सरकार ने 2017 से 2021 के करीब 13 लाख चालान माफ किए थे। एक तिहाई 13 लाख वाहनों के चालानों की स्क्रुटनी होगी और जुर्माना वसूल की तैयारी के लिए यूपी सरकार ने अध्यादेश जारी किया।
12.93 लाख ई-चालानों को माफ किया गया
यूपी में 2017–2021 के बीच लंबित लगभग 12.93 लाख ई-चालानों को राहत के तहत माफ/निस्तारित किया गया है, लेकिन कुल 30.52 लाख मामलों में से केवल इतने ही माफ हुए हैं। बाकी ~17.59 लाख पहले ही चुकाए जा चुके थे और कुछ बाद के चालान/गंभीर मामले इस योजना में नहीं आए।कुल चालान कितने थे और कितने माफ हुए?
-2017–2021 के कुल ई-चालान: 30.52 लाख।
-पहले ही चुकाए गए: 17.59 लाख ।
-लंबित (माफ किए जाने वाले): 12.93 लाख
-इनमें से 10.84 लाख कोर्ट में, 1.29 लाख ऑफिस स्तर पर पेंडिंग थे ।
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गंभीर अपराध / IPC से जुड़े मामले
-दुर्घटना में घातक परिणाम, हत्या/आहत करना, बड़े वाहन ड्राइविंग के गंभीर अपराध आदि ।
2021 के बाद के चालान।
1 जनवरी 2022 के बाद के चालान इस योजना में शामिल नहीं हैं; केवल 2017–2021 के लंबित गैर-टैक्स चालान ।
कोर्ट में पेंडिंग गंभीर केस
कुछ मामलों में कोर्ट ने 2021 से पहले के सामान्य चालान निस्तारित करने का आदेश दिया था, लेकिन गंभीर अपराधों पर माफ़ी नहीं दी गई ।
वाहन संख्या/चालान आईडी से चेक कर सकते हैं
यूपी परिवहन/ई-चालान पोर्टल (parivahan.gov.in के यूपी संस्करण) पर अपनी वाहन संख्या/चालान आईडी से चेक कर सकते हैं कि चालान “माफ/निस्तारित” या “लंबित” दिखाई दे रहा है या नहीं। जिला परिवहन कार्यालय से शासनादेश या अंतिम विवरण प्राप्त कर सकते हैं।