Karachi arson and firing: ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्लाह अली खामेनेई की मौत की खबर के बाद पाकिस्तान में कई जगहों पर गुस्सा भड़क उठा। इजरायल-अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच आई इस खबर ने समर्थकों को सड़कों पर उतरने के लिए प्रेरित किया। खासकर कराची में हालात तेजी से बिगड़े, जहां प्रदर्शन हिंसक रूप लेता नजर आया।
कराची में बवाल
कराची में स्थित अमेरिकी वाणिज्य दूतावास के बाहर बड़ी संख्या में लोग जुटे। गुस्साए प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेड्स तोड़ने की कोशिश की और परिसर के बाहरी हिस्से में आगजनी की घटनाएं सामने आईं। हालात बिगड़ने पर पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों ने इलाके को घेर लिया। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक भीड़ नारेबाजी करते हुए आगे बढ़ रही थी।
गोलीबारी, 20 की मौत
स्थिति नियंत्रण से बाहर होने पर सुरक्षा में तैनात अमेरिकी मरीन ने जवाबी कार्रवाई की। शुरुआती जानकारी के अनुसार फायरिंग में कई लोग घायल हुए, जिनमें से 20 से अधिक की मौत की पुष्टि की गई है। घायलों को नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। पाकिस्तानी रेंजर्स और पुलिस ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस और लाठीचार्ज का सहारा लिया।
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ट्रैफिक बंद, सुरक्षा कड़ी
हिंसा के बाद कई प्रमुख सड़कों को बंद कर दिया गया। जिन्ना ब्रिज और अन्य मार्गों से आने-जाने वाले वाहनों को वैकल्पिक रास्तों पर मोड़ा गया। संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है।
लाहौर में भी विरोध
कराची के अलावा लाहौर में भी प्रेस क्लब के बाहर प्रदर्शन हुआ। हालांकि वहां स्थिति नियंत्रण में रही। अधिकारियों का कहना है कि हालात पर नजर रखी जा रही है और किसी भी अप्रिय घटना से निपटने के लिए सुरक्षा व्यवस्था मजबूत की गई है।