CBSE Re-evaluation Portal 2026: सीबीएसई बोर्ड की 10वीं और 12वीं की परीक्षा के परिणाम जारी होने के बाद बड़ी संख्या में छात्र अपने अंकों के सत्यापन (Verification) और री-इवैल्युएशन (Re-evaluation) के लिए आवेदन कर रहे हैं। बोर्ड द्वारा जारी ताजा अपडेट के अनुसार, 3 जून 2026 की दोपहर तक करीब 43 हजार से अधिक छात्र सफलतापूर्वक ऑनलाइन आवेदन कर चुके हैं। सीबीएसई का कहना है कि री-वैल्यूएशन पोर्टल पूरी तरह सुचारू रूप से काम कर रहा है और छात्रों के फीडबैक के आधार पर यूजर के अनुभव को बेहतर बनाने के लिए लगातार सुधार किए जा रहे हैं।
40 हजार आवेदन हो चुके
आपको बता दें कि इससे पहले बोर्ड ने अपडेट दिया था कि कल रात 10 बजे तक 14 हजार से अधिक छात्रों ने इसके लिए आवेदन किया था। वहीं, आज दोपहर के अपडेट के अनुसार अब तक 43,980 हजार छात्रों ने आवेदन प्रक्रिया सफलतापूर्वक पूरी कर ली है। आवेदनों को दो मुख्य भागों में बांटा गया है, जिसमें से कुल 4,924 छात्रों ने अंक सत्यापन के लिए आवेदन किया है। वहीं 39,056 छात्रों ने री-इवैल्युएशन के लिए अप्लाई किया है।
बैंक को लेकर दी जानकारी
बोर्ड ने इस दौरान बैंक को लेकर भी जानकारी दी है। बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि आवेदन शुल्क जमा करने के लिए छात्रों को किसी खास बैंक में खाता खोलने की जरूरत नहीं है। आवेदन शुल्क का भुगतान UPI, नेट बैंकिंग, डेबिट कार्ड और क्रेडिट कार्ड के जरिए किया जा सकता है।
आवेदन की अंतिम तारीख
सीबीएसई ने री-वैल्यूएशन और वेरिफिकेशन के लिए ऑनलाइन विंडो 2 जून से खोली थी, जो 6 जून 2026 की रात तक खुली रहेगी। बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि अंतिम तिथि समाप्त होने के बाद किसी भी परिस्थिति में आवेदन स्वीकार नहीं किए जाएंगे। साथ ही, इस बार ऑफलाइन आवेदन की कोई सुविधा उपलब्ध नहीं है, छात्रों को केवल ऑनलाइन माध्यम से ही फॉर्म भरना होगा।
इन कमियों की कर सकते हैं शिकायत
आपको बता दें कि री-वैल्यूएशन में केवल वही छात्र आवेदन कर सकते हैं, जिन्हें उनकी मूल्यांकन की गई उत्तर पुस्तिकाओं की स्कैन की हुई कॉपियों मिल चुकी है। अगर किसी छात्र को अपनी स्कैन की गई उत्तर पुस्तिका में कोई गड़बड़ी दिखाई देती है तो वह इसकी शिकायत दर्ज करा सकता है. इसमें पन्ने गायब होना, सप्लीमेंट्री शीट का न होना, ग्राफ या मैप का छूट जाना, धुंधली स्कैन कॉपी या गलत उत्तर पुस्तिका अपलोड होने जैसी समस्याएं शामिल हैं।
कितना लगेगा शुल्क
सीबीएसई ने छात्रों को राहत देने के लिए अपनी फीस में भारी कटौती की है। छात्रों को तकनीकी गलतियों की जांच के लिए ₹100 प्रति उत्तर पुस्तिका शुल्क देना होगा। जबकि किसी प्रश्न के री-वैल्यूएशन के लिए छात्रों को 25 रुपये प्रति प्रश्न के हिसाब से शुल्क देना होगा। वहीं, अगर री-इवैल्यूएशन के बाद किसी छात्र के नंबरों में बढ़ोतरी होती है, तो बोर्ड द्वारा ली गई पूरी फीस छात्र को वापस कर दी जाएगी।