Overtime Compensation: नौकरी करने वाले लोगों के लिए काम के घंटे फिक्स होते हैं। किसी भी नौकरी का समय नौ घंटे या आठ घंटे का होता है। लेकिन कभी-कभी काम के बोझ की वजह से ऑफिस में ज्यादा रुकना पड़ जाता है। ऑफिस में देर तक रुकना अब मजबूरी नहीं, बल्कि आपकी अतिरिक्त कमाई का जरिया बन सकता है। जी हां भारत में लागू हो रहे नए लेबर लॉ के तहत यदि आप दफ्तर में ओवरटाइम करते हैं तो आपको उसका एक्स्ट्रा पैसा भी जरूर मिलेगा। आइए जानते हैं अगर आपकी सैलरी 30 हजार रुपये है, तो सिर्फ एक घंटा अतिरिक्त काम करने पर आपकी जेब में कितने पैसे आएंगे।
ओवरटाइम का करना होगा भुगतान
भारत में लागू हो रहे नए लेबर कोड नियम के तहत अगर कोई कर्मचारी ओवरटाइम काम करता है, तो उसे दोगुना पैसा दिया जाएगा। अगर कोई कर्मचारी 9 घंटे की शिफ्ट में 10 या 12 घंटों तक काम में लगा रहता है तो उस कर्मचारी को हर घंटे के हिसाब से सामान्य मजदूरी की दर से कम से कम दोगुनी दर पर ओवरटाइम का भुगतान करना होगा।
बेसिक सैलरी के आधार पर मिलेगा
आपको बता दें कि ये ओवरटाइम कैल्कुलेशन आपकी CTS नहीं बल्कि बेसिक सैलेरी के आधार पर दिया जाएगा। मान लीजिए आपकी सैलेरी 30,000 हजार रुपये है तो, 15,000 आपकी बेसिक होगी और आप महीने में 26 दिन, रोजाना 8 घंटे काम करते हैं, तो एक दिन की लगभग 577 रुपये होगी। हम एक दिन में आठ घंटे काम करते हैं, ऐसे में एक दिन की सैलेरी में एक घंटे में हमें करीब 73 रुपये मिलेंगे।
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ऐसे कर सकेंगे केलकुलेट
नए नियम के अनुसार एक घंटे की सैलेरी का हमें दोगुना मिलेगा। इसके हिसाब से 73+73= 146 रुपये एक घंटे के ओवरटाइम का मिलेगा। यदि आपकी सैलेरी 30,000 रुपये है तो आपको एक घंटे का ओवरटाइम 146 रुपये मिलेगा। यदि आप पूरे महीने एक घंटे एक्स्ट्रा काम करते हैं तो पूरी महीने में आपको 26 दिन के हिसाब से 3,796 रुपये मिलेंगे।
ओवरटाइम के मुख्य नियम
बता दें कि अगर आप दिन में 9 घंटे से ज्यादा या हफ्ते में 48 घंटे से ज्यादा काम करते हैं, तो वह ओवरटाइम की श्रेणी में आता है। ओवरटाइम के लिए कंपनी को आपकी सामान्य प्रति घंटा दर से दोगुना पैसा देना अनिवार्य है। एक कर्मचारी से एक तिमाही (3 महीने) में 125 घंटे से अधिक ओवरटाइम नहीं कराया जा सकता। यदि आप साप्ताहिक छुट्टी के दिन काम करते हैं, तो वह भी ओवरटाइम के नियमों के तहत आता है।