Owaisi Attacks Government: एआईएमआईएम प्रमुख और सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने उत्तर प्रदेश के सहारनपुर दौरे के दौरान जौहर यूनिवर्सिटी के मुद्दे पर राज्य सरकार की कार्रवाई पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि यह केवल एक विश्वविद्यालय का मामला नहीं, बल्कि हजारों छात्रों की शिक्षा और भविष्य से जुड़ा विषय है। ओवैसी ने कहा कि यदि संस्थान की इमारतों पर कार्रवाई होती है, तो इसका सीधा असर वहां पढ़ने वाले विद्यार्थियों की पढ़ाई पर पड़ेगा।
शिक्षा से जुड़े मुद्दे को बताया अहम
मीडिया से बातचीत में ओवैसी ने कहा कि जौहर यूनिवर्सिटी में बड़ी संख्या में छात्र शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं और किसी भी प्रशासनिक या कानूनी विवाद का समाधान नियमों के तहत किया जाना चाहिए। उनका कहना था कि यदि किसी प्रकार की अनियमितता है तो उसका कानूनी समाधान संभव है, लेकिन छात्रों की शिक्षा बाधित नहीं होनी चाहिए। उन्होंने शिक्षा को समाज की प्रगति का सबसे मजबूत आधार बताया।
मुस्लिम शिक्षा और प्रतिनिधित्व पर जताई चिंता
ओवैसी ने उत्तर प्रदेश में मुस्लिम समुदाय की शिक्षा और साक्षरता से जुड़े आंकड़ों का उल्लेख करते हुए कहा कि उच्च शिक्षा में समुदाय की भागीदारी अभी भी सीमित है। उन्होंने कहा कि ऐसे समय में शैक्षणिक संस्थानों को मजबूत करने की आवश्यकता है। साथ ही उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों को संख्या से अधिक अपने क्षेत्र के लोगों के मुद्दों को मजबूती से उठाने की जिम्मेदारी निभानी चाहिए।
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डॉ. अंबेडकर के विचारों का किया उल्लेख
विधायकों की भूमिका पर पूछे गए सवाल के जवाब में ओवैसी ने डॉ. भीमराव अंबेडकर का उल्लेख करते हुए कहा कि जनप्रतिनिधियों को अपने विवेक और जनता के हितों के आधार पर आवाज उठानी चाहिए। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में प्रभावी प्रतिनिधित्व केवल सदन में मौजूदगी से नहीं, बल्कि मुद्दों पर खुलकर बोलने से तय होता है।
निष्पक्ष कार्रवाई की भी उठी मांग
इस बीच आजाद अधिकार सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमिताभ ठाकुर ने भी रामपुर प्रशासन को पत्र भेजकर जौहर यूनिवर्सिटी मामले में समान और पारदर्शी कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने कहा कि यदि किसी निर्माण में अनियमितता पाई जाती है तो कानून के अनुसार कार्रवाई हो, लेकिन वही मानदंड पूरे प्रदेश में समान रूप से लागू किए जाएं। साथ ही उन्होंने छात्रों, शिक्षकों और अन्य प्रभावित पक्षों के हितों की सुरक्षा सुनिश्चित करने तथा पूरी प्रक्रिया में निष्पक्षता और पारदर्शिता बनाए रखने की अपील की।