Violence Against Muslims: हैदराबाद से सांसद और AIMIM के अध्यक्ष असदुद्दीन औवेसी ने देश में मुसलमानों के खिलाफ बढ़ती नफरत और हिंसा की घटनाओं पर चिंता जताई है। हैदराबाद की मक्का मस्जिद में आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि ऐसी घटनाएं समाज में बराबरी और भाईचारे की भावना को कमजोर करती हैं। उन्होंने कहा कि संविधान सभी नागरिकों को समान अधिकार देता है और इन मूल्यों को बनाए रखना जरूरी है।
राजनीतिक माहौल पर सवाल
ओवैसी ने अपने भाषण में अलग-अलग राज्यों में सामने आई घटनाओं का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि कुछ जगहों पर मुसलमानों के खिलाफ हिंसा और नफरत की घटनाएं सामने आई हैं, जो चिंता का विषय हैं। उनके अनुसार समाज में भरोसा और आपसी सम्मान बनाए रखना लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए जरूरी है।
जागरूकता की जरूरत
उन्होंने जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारूख अबदुल्ला से जुड़ी घटना का जिक्र करते हुए कहा कि किसी भी राजनीतिक नेता के खिलाफ धमकी या हमला स्वीकार नहीं किया जा सकता। ओवैसी ने समाज में बढ़ती हिंसक घटनाओं पर दुख जताते हुए कहा कि ऐसी घटनाएं लोगों में जागरूकता और जिम्मेदारी बढ़ाने की जरूरत को दिखाती हैं।
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लोकतंत्र की अहमियत
ओवैसी ने कहा कि नागरिकों को कानून के दायरे में शांतिपूर्ण तरीके से विरोध जताने का अधिकार है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में लोगों की आवाज सुनी जानी चाहिए और हर नागरिक को अपनी राय रखने की आजादी होनी चाहिए।
UCC पर बयान
यूनिफॉर्म सिविल कोड यानी Uniform Civil Code को लेकर ओवैसी ने कहा कि हर धार्मिक समुदाय के अपने पर्सनल कानून और परंपराएं होती हैं। उनके अनुसार इस्लाम में निकाह एक धार्मिक अनुबंध माना जाता है और धार्मिक स्वतंत्रता का सम्मान किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि विविधता वाले समाज में सभी समुदायों की परंपराओं को ध्यान में रखना जरूरी है।