Fight for BMC Mayor: मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) चुनाव के नतीजे सामने आने के बाद मेयर पद को लेकर राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। भले ही भाजपा-शिवसेना (शिंदे गुट) की महायुति ने बीएमसी में बहुमत हासिल कर लिया हो, लेकिन मेयर चुनाव को लेकर तस्वीर अब भी पूरी तरह साफ नहीं है। इसी बीच उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की शिवसेना ने अपने सभी नवनिर्वाचित पार्षदों को एक साथ रखने का फैसला किया है, जिससे राजनीतिक हलकों में नए संकेत देखे जा रहे हैं।
लेकिन बहुमत बेहद करीबी
बीएमसी की कुल 227 सीटों में महायुति को 118 सीटें मिली हैं, जो बहुमत के आंकड़े से महज कुछ ज्यादा हैं। भाजपा ने 89 सीटें जीतीं, जबकि शिंदे गुट की शिवसेना को 29 सीटों पर जीत मिली। इस नतीजे ने शिंदे गुट को किंगमेकर की स्थिति में ला खड़ा किया है, जिसके चलते मेयर पद पर उसका दावा और मजबूत हो गया है।
होटल में कैंप की तैयारी
चुनाव परिणामों के तुरंत बाद खबर सामने आई कि शिंदे गुट ने अपने सभी विजयी पार्षदों को मुंबई के बांद्रा स्थित एक लग्जरी होटल में ठहराने की व्यवस्था की है। बताया जा रहा है कि यह कदम संभावित राजनीतिक जोड़-तोड़ से बचने और पार्टी की एकजुटता बनाए रखने के मकसद से उठाया गया है।
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आरोप-प्रत्यारोप तेज
बीएमसी चुनाव में अपेक्षित प्रदर्शन न कर पाने के बाद विपक्षी दलों में मंथन शुरू हो गया है। कांग्रेस, उद्धव ठाकरे गुट और एमएनएस ने नतीजों के बाद अलग-अलग बयान दिए हैं। वहीं AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने वोटर लिस्ट और ईवीएम को लेकर लगाए जा रहे आरोपों को सिरे से खारिज किया है।
अगला कदम अहम
अब सबकी निगाहें मेयर चुनाव की प्रक्रिया पर टिकी हैं। शिंदे गुट की भूमिका निर्णायक मानी जा रही है और आने वाले दिनों में गठबंधन के भीतर बातचीत तेज होने की संभावना है। यह देखना दिलचस्प होगा कि मुंबई की सत्ता की कुर्सी किसके हिस्से आती है।