Owaisis statement: ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने भारत में मुस्लिम आबादी को लेकर चल रही बहस पर बड़ा बयान दिया है। तेलंगाना के निजामाबाद में एक रैली को संबोधित करते हुए उन्होंने साफ कहा कि भारत में मुसलमानों की आबादी कभी भी हिंदुओं से ज्यादा नहीं होगी। ओवैसी का कहना था कि जनसंख्या को लेकर डर फैलाने के बजाय सरकार को भविष्य की सामाजिक और आर्थिक चुनौतियों पर ध्यान देना चाहिए।
युवाओं के भविष्य की चिंता
ओवैसी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हालिया भाषण का जिक्र करते हुए कहा कि सरकार भारत को युवा देश बताती है, लेकिन यह नहीं बताती कि इन युवाओं के रोजगार और कौशल विकास के लिए क्या ठोस कदम उठाए गए हैं। उन्होंने कहा कि आज की युवा आबादी कुछ दशकों में बुजुर्ग हो जाएगी और तब महंगाई, स्वास्थ्य और खर्च जैसे मुद्दे बड़ी चुनौती बनेंगे।
जनसंख्या बढ़ने के आरोपों को बताया भ्रामक
AIMIM प्रमुख ने कहा कि बार-बार यह कहा जाता है कि मुस्लिम आबादी तेजी से बढ़ रही है, जबकि हकीकत यह है कि यह भी धीरे-धीरे स्थिर हो रही है। उन्होंने जोर देकर कहा कि भारत की सामाजिक संरचना ऐसी है कि मुसलमानों की संख्या कभी भी हिंदू आबादी से आगे नहीं जाएगी।
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RSS का भी जिक्र
ओवैसी ने कहा कि पहले जनसंख्या नियंत्रण कानून की बातें होती थीं और मुसलमानों को निशाना बनाया जाता था। अब जब भविष्य में आबादी के बूढ़े होने का खतरा दिख रहा है, तो वही लोग ज्यादा बच्चों की बात कर रहे हैं। उन्होंने आरएसएस प्रमुख के बयान का जिक्र करते हुए इस बदलते नजरिए पर सवाल उठाए।
विदेश नीति और खेल पर भी साधा निशाना
रैली के दौरान ओवैसी ने पाकिस्तान के भारत के खिलाफ मैच न खेलने के बयान और चीन से जुड़े सीमा मुद्दे पर भी सरकार की चुप्पी पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि सरकार को इन मामलों में स्पष्ट और सख्त रुख अपनाना चाहिए, ताकि देशहित से जुड़े मुद्दों पर कोई भ्रम न रहे।