इमरान खान की सेहत की अफवाहों ने पाकिस्तान के सियासी हालात को अचानक गरमा दिया है। रावलपिंडी में हजारों समर्थक आदियाला जेल के बाहर जमा होकर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। सुरक्षा एजेंसियों ने हालात बिगड़ने से रोकने के लिए पूरे शहर में धारा 144 लागू कर दी है, लेकिन भीड़ लगातार बढ़ रही है। इसी बीच खैबर पख्तूनख्वा में राष्ट्रपति शासन लगाने की तैयारी ने पूरे देश का माहौल और तनावपूर्ण कर दिया है।
रावलपिंडी में इमरान समर्थकों का सैलाब
इमरान खान की स्वास्थ्य को लेकर फैल रही अफवाहों ने पाकिस्तान के राजनीतिक वातावरण में बड़ा तूफान ला दिया है। जैसे ही यह खबर सोशल मीडिया पर फैली, बड़ी संख्या में लोग रावलपिंडी के आदियाला जेल पहुंचने लगे। देखते ही देखते हजारों प्रदर्शनकारी इकट्ठा हो गए, जिससे पूरे क्षेत्र में तनाव का माहौल बन गया।
सुरक्षा बलों ने स्थिति को संभालने के लिए सख्त कदम उठाते हुए धारा 144 लागू कर दी है। इसके तहत किसी भी तरह की भीड़ या रैली पर रोक है, लेकिन इमरान समर्थक आदेशों को दरकिनार करते हुए भारी संख्या में जुटते जा रहे हैं। कई इलाकों में पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प की आशंका बनी हुई है।
खैबर पख्तूनख्वा में राष्ट्रपति शासन की कवायद तेज
पाकिस्तान के राजनीतिक संकट का दूसरा बड़ा मोर्चा खैबर पख्तूनख्वा में खुला है। केंद्र सरकार ने प्रदेश में राष्ट्रपति शासन (गवर्नर रूल) लागू करने की तैयारी तेज कर दी है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि हालिया तनाव और प्रशासनिक अस्थिरता को देखते हुए यह कदम लिया जा रहा है, लेकिन इसके राजनीतिक मायने कहीं ज्यादा बड़े हैं।
प्रदेश में प्रशासनिक हालात बिगड़ने और सुरक्षा मुद्दों के चलते सरकार लंबे समय से इस कार्रवाई पर विचार कर रही थी। अब रावलपिंडी में बढ़ते प्रदर्शनों ने इस प्रक्रिया को और तेज कर दिया है।
सियासी तापमान लगातार बढ़ रहा है
रावलपिंडी से लेकर खैबर पख्तूनख्वा तक पाकिस्तान का माहौल बेहद अशांत हो चुका है। एक तरफ इमरान खान के समर्थकों की नाराज़गी चरम पर है, दूसरी ओर सरकार नए फैसलों की तैयारी में जुटी है। आने वाले दिनों में हालात और तनावपूर्ण हो सकते हैं।