पाकिस्तान में रह रहे कई अफगान शरणार्थियों ने पाकिस्तानी सरकार और अफगान प्रशासन से बातचीत के जरिए मौजूदा समस्याओं का समाधान निकालने और उन्हें सम्मा यह जानकारी दी। शरणार्थियों का कहना है कि तेजी से की जा रही निर्वासन कार्रवाई और बढ़ते दबाव के कारण अफगान नागरिकों को गंभीर परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। अनपूर्वक तथा चरणबद्ध तरीके से अफगानिस्तान लौटने के लिए पर्याप्त समय देने की अपील की है। स्थानीय मीडिया ने गुरुवार कोफगान शरणार्थी हाजी नजर ने पाकिस्तानी सरकार से आग्रह किया कि उन्हें तीन महीने का समय दिया जाए, ताकि वे व्यवस्थित ढंग से अपने देश लौट सकें। अफगानिस्तान स्थित टोलो न्यूज ने यह रिपोर्ट दी।
कई तरह की कठिनाइयों का सामना कर रहे
हाजी नजर ने कहा, “पाकिस्तानी सरकार को हमें तीन महीने की समय-सीमा देनी चाहिए, ताकि शरणार्थी क्रमबद्ध और चरणबद्ध तरीके से अपने देश लौट सकें। इस समय अफगान नागरिक कई तरह की कठिनाइयों का सामना कर रहे हैं।” शरणार्थी अधिकार कार्यकर्ता अल्लाह मीर मियाखाइल ने टोलो न्यूज से बातचीत में कहा, “सुरक्षा एजेंसियां हर जगह अफगान शरणार्थियों को गिरफ्तार कर निर्वासित कर रही हैं।
कई अफगान शरणार्थी बुनियादी मानवाधिकारों से वंचित
अधिकांश शरणार्थियों को अपने व्यवसाय और निजी मामलों को समेटने के लिए समय चाहिए। कई परिवार प्रूफ ऑफ रजिस्ट्रेशन कार्ड के तहत पंजीकृत हैं, लेकिन अब ये कार्ड अमान्य हो गए हैं।” शरणार्थी अधिकार कार्यकर्ताओं ने इस बात पर जोर दिया कि वापसी की प्रक्रिया स्वैच्छिक और धीरे-धीरे होनी चाहिए तथा इसमें अंतरराष्ट्रीय संगठनों का सहयोग जरूरी है, ताकि अफगानिस्तान में एक नया मानवीय संकट पैदा न हो। एक अन्य कार्यकर्ता अली रजा करीमी ने कहा कि कई अफगान शरणार्थी बुनियादी मानवाधिकारों से वंचित हैं और वैध पहचान दस्तावेजों के अभाव में अनिश्चितता की स्थिति में जीवन गुजार रहे हैं।