पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच सैन्य टकराव चौथे दिन और तेज हो गया है। राजधानी Kabul में तड़के धमाकों और गोलीबारी की आवाजों ने हालात की गंभीरता बढ़ा दी। पाकिस्तान ने ‘ऑपरेशन गजब लिल हक’ के तहत बड़े पैमाने पर कार्रवाई का दावा किया है, जबकि तालिबान प्रशासन का कहना है कि उसने पाकिस्तानी विमानों के खिलाफ एयर डिफेंस सिस्टम सक्रिय किया।
काबुल में धमाके, एयर डिफेंस सक्रिय
रविवार सुबह Kabul के कई इलाकों में तेज विस्फोटों की आवाजें सुनी गईं। इसके बाद लगातार फायरिंग की खबरें सामने आईं। तालिबान प्रशासन के प्रवक्ता Zabihullah Mujahid ने कहा कि ये आवाजें पाकिस्तानी फाइटर जेट्स के खिलाफ की गई एयर डिफेंस कार्रवाई के दौरान आईं। उन्होंने नागरिकों से शांत रहने की अपील की और कहा कि राजधानी की सुरक्षा व्यवस्था नियंत्रण में है।
पाकिस्तान का दावा: 350 से ज्यादा लड़ाके मारे गए
इस्लामाबाद का कहना है कि जवाबी अभियान ‘ऑपरेशन गजब लिल हक’ के तहत अब तक 350 से अधिक तालिबान लड़ाके मारे गए हैं। पाकिस्तान के सूचना मंत्री Attaullah Tarar के मुताबिक, सैकड़ों ठिकानों को निशाना बनाया गया और कई सैन्य पोस्ट पर कब्जा किया गया है। पाकिस्तानी वायुसेना और जमीनी बलों ने अफगानिस्तान के भीतर कई अहम ठिकानों पर कार्रवाई की है।
कंधार तक फैला हमला, बढ़ा तनाव
रिपोर्ट्स के अनुसार, कार्रवाई का दायरा सीमावर्ती इलाकों से आगे बढ़कर Kandahar तक पहुंच गया है। इसे बीते वर्षों में अफगानिस्तान के भीतर पाकिस्तान की सबसे आक्रामक सैन्य कार्रवाई माना जा रहा है। सीमा पार हवाई हमले और जमीनी झड़पों ने दक्षिण और मध्य एशिया में अस्थिरता की आशंका बढ़ा दी है।
TTP पर टकराव की जड़
पाकिस्तान का आरोप है कि अफगान तालिबान, Tehrik-i-Taliban Pakistan (TTP) को शरण दे रहा है। इस्लामाबाद के मुताबिक, टीटीपी के लड़ाके अफगान धरती से सीमा पार हमले कर रहे हैं। हालांकि तालिबान सरकार इन आरोपों को खारिज करती रही है और कहती है कि वह अपनी जमीन का इस्तेमाल किसी भी देश के खिलाफ नहीं होने देगी।
क्षेत्रीय संकट की आहट
दोनों देशों के बीच बढ़ते हमलों ने क्षेत्रीय संतुलन को झकझोर दिया है। कई वैश्विक शक्तियों ने संयम और बातचीत की अपील की है। यदि हालात जल्द काबू में नहीं आते, तो यह टकराव व्यापक क्षेत्रीय संकट का रूप ले सकता है।