
भारत के खिलाफ राजनीतिक दबाव बनाने के लिए पाकिस्तान ने 24 अप्रैल 2025 को भारतीय विमानों के लिए अपना हवाई क्षेत्र बंद कर दिया था। लेकिन यह फैसला उसी पर भारी पड़ गया। मात्र दो महीनों में पाकिस्तान को 4.10 अरब पाकिस्तानी रुपये (लगभग 127 करोड़ भारतीय रुपये) का नुकसान हो गया। रोजाना 100 से 150 भारतीय उड़ानों पर असर पड़ा, लेकिन आर्थिक नुकसान का बोझ अब पाकिस्तान की पहले से कमजोर अर्थव्यवस्था पर और बढ़ गया है।
दो महीने में 4.10 अरब पाकिस्तानी रुपये का घाटा
पाकिस्तान के रक्षा मंत्रालय के अनुसार, 24 अप्रैल से 30 जून 2025 के बीच यह नुकसान हुआ। संसद में पेश किए गए आंकड़ों में बताया गया कि हवाई क्षेत्र बंद रहने से एयरलाइंस के मार्ग बदलने और राजस्व घटने का सीधा असर पड़ा।
2019 में भी भुगता था बड़ा घाटा
यह पहली बार नहीं है जब पाकिस्तान को एयरस्पेस बंद करने से घाटा हुआ हो। 2019 में भी सीमा तनाव के दौरान ऐसे ही कदम से उसे 54 मिलियन डॉलर का नुकसान हुआ था। उस समय भी भारतीय उड़ानों के मार्ग बदलने से पाकिस्तान को करोड़ों का राजस्व नुकसान हुआ था।
संप्रभुता बनाम आर्थिक नुकसान
पाकिस्तानी रक्षा मंत्रालय ने कहा कि ऐसे वित्तीय नुकसान के बावजूद संप्रभुता और राष्ट्रीय सुरक्षा आर्थिक लाभ से ऊपर हैं। हालांकि, विशेषज्ञ मानते हैं कि पहले से कर्ज में डूबे पाकिस्तान के लिए यह कदम आर्थिक रूप से आत्मघाती साबित हो रहा है।
एयरस्पेस बंदी अभी जारी
पाकिस्तानी हवाई क्षेत्र भारतीय विमानों के लिए अगस्त के आखिरी सप्ताह तक बंद रहेगा। इसी तरह भारत ने भी पाकिस्तान के लिए अपना एयरस्पेस बंद रखा है। भारत का कहना है कि संप्रभुता और सुरक्षा की रक्षा करते समय किसी भी कीमत की परवाह नहीं की जाएगी।