
अफगानिस्तान और पाकिस्तान को लेकर अभी भी तनाव का माहौल है। इस बीच सीमा पर तनाव के साथ जुबानी जंग जारी है। हालांकि, दोनों पक्षों के बीच बड़ी मुशि्कल से कतर और तुर्किए की मध्यस्थता से सीजफायर समझौते पर सहमति बन पाई है। हालांकि स्थिति में कुछ खास बदलाव नहीं नजर आ रहा है। अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच सीजफायर के हालात का आकलन करने को लेकर 30 अक्टूबर को इस्तांबुल में बैठक हुई।
संयुक्त बयान भी सामने आया है
इस बैठक से ये तय होगा कि युद्धविराम होगा की नहीं। पिछली बैठक में समझौते के दौरान ही तय किया गया था कि मध्यस्थों के साथ अगली मुलाकात कब होने वाली है। इस बैठक के बाद तुर्किए और कतर की मध्यस्थता से अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच वार्ता पर संयुक्त बयान सामने आया है।
ये भी पढ़ें: कैरिबियाई क्षेत्र में मेलिसा तूफान, 30 की मौत, भूस्खलन का अलर्ट जारी
उद्देश्य युद्धविराम को सुदृढ़ बनाना था
संयुक्त बयान के अनुसार, अफगानिस्तान, पाकिस्तान, तुर्किए और कतर ने 25-30 अक्टूबर 2025 तक इस्तांबुल में बैठकें हुईं हैं। इसका लक्ष्य युद्धविराम को सुदृढ़ बनाना था। इस पर अफगानिस्तान और पाकिस्तान ने 18-19 अक्टूबर 2025 को दोहा पर सहमति जताई थी।
शांति बनाए रखना सुनिश्चित करेगा
बयान में कहा गया कि सभी पक्ष युद्धविराम जारी रखने पर सहमत हैं। इसे लागू करने के तौर-तरीकों पर 6 नवंबर को इस्तांबुल में एक प्रमुख स्तरीय बैठक में चर्चा की जाएगी। सभी पक्ष एक निगरानी और सत्यापन तंत्र स्थापित करने पर सहमत हुए हैं। यह शांति बनाए रखना सुनिश्चित करेगा। उल्लंघन करने वाले पक्ष पर दंड लगाएगा।
सहयोग जारी रखने के लिए तैयार
मध्यस्थों के रूप में, तुर्किए और कतर दोनों पक्षों के सक्रिय योगदान के लिए सराहना व्यक्त करते हैं। स्थायी शांति और स्थिरता के लिए दोनों पक्षों के साथ सहयोग जारी रखने की तैयारी है।