पाकिस्तान और अफगानिस्तान के तनाव के बीच ईरान और पाक से अफगान शरणार्थियों के भारी संख्या में निकाले जाने की सूचना सामने आई हैं। तालिबान के एक बड़े अधिकारी का दावा है कि बुधवार को एक ही दिन में 10,000 से अधिक अफगान शरणार्थियों को पाकिस्तान और ईरान से जबरदस्ती निकाला गया है।
1,763 अफगान परिवार
तालिबानी अधिकारी ने इस मामले मे हाई कमीशन फॉर एड्रेसिंग माइग्रेंट्स इश्यूज की रिपोर्ट को साझा किया है। रिपोर्ट के अनुसार, तालिबान के डिप्टी प्रवक्ता हमदुल्ला फितरत ने जानकारी दी कि बुधवार को 1,763 अफगान परिवार थे। इनमें 10,405 लोग अफगानिस्तान वापस लौट अए हैं।
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1,534 को मानवीय सहायता दी गई
डिप्टी स्पोक्सपर्सन हमदुल्ल फितरत के अनुसार, अफगान रिफ्यूजी कंधार में स्पिन बोल्डक, हेलमंद में बहरामचा, हेरात में इस्लाम कला क्रॉसिंग, निमरोज में पुल-ए-अब्रेशम और नंगरहार में तोरखम क्रॉसिंग के रास्ते पाकिस्तान से लौटे। 2,222 अफगान रिफ्यूजी परिवारों को उनके इलाकों में भेज दिया गया है। इन परिवारों में कुल 13,303 लोग शामिल थे।
अफगान रिफ्यूजी अफगानिस्तान लौट आए
पहले भी ईरान और पाकिस्तान से मंगलवार को 7,326 अफगान रिफ्यूजी को जबरदस्ती वापस भेज दिया गया। ईरान और पाकिस्तान से रविवार को जबरदस्ती डिपोर्ट होने के बाद करीब 12,666 अफगान रिफ्यूजी अफगानिस्तान वापस आ गए।
400 नागरिकों ने पेशावर हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया
इस बीच अफगानी कलाकार और उनके परिवारों सहित 400 नागरिकों ने पेशावर हाई कोर्ट का रुख किया है। उन्होंने पेशावर कोर्ट गुहार लगाई है कि सरकार को नॉन-रिफाउलमेंट के तहत उन्हें जबरदस्ती डिपोर्ट करने से रोका जाए। इनका कहना है कि अगर इन्हें पाकिस्तान से डिपोर्ट किया तो अपने देश में जुल्म सहना पड़ेगा। इस बीच, अफगान नागरिकों ने अदालत में संयुक्त याचिका दायर की है। इसमें सरकार से रिफ्यूजी के तौर पर उन्हें पाकिस्तान में रहने की इजाजत देने की डिमांड रखी है।