मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच पाकिस्तान के आर्मी चीफ असीम मुनीर की सऊदी अरब यात्रा ने नई चर्चा छेड़ दी है। रियाद में उन्होंने सऊदी रक्षा मंत्री खालिद बिन सलमान से मुलाकात कर क्षेत्रीय सुरक्षा और ईरान से जुड़े खतरों पर बातचीत की। इस मुलाकात के बाद सवाल उठने लगे हैं कि क्या पाकिस्तान, सऊदी अरब के समर्थन में ईरान के खिलाफ किसी संभावित संघर्ष में शामिल हो सकता है।
रियाद में मुनीर और खालिद बिन सलमान की अहम बैठक
पाकिस्तान के सेना प्रमुख जनरल असीम मुनीर ने सऊदी अरब की राजधानी रियाद में सऊदी रक्षा मंत्री प्रिंस खालिद बिन सलमान से मुलाकात की। इस दौरान दोनों नेताओं के बीच क्षेत्रीय सुरक्षा हालात, ईरान से जुड़े खतरे और मध्य पूर्व में बढ़ते सैन्य तनाव पर चर्चा हुई। रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि यह बैठक ऐसे समय में हुई है जब पूरे क्षेत्र में संघर्ष का खतरा तेजी से बढ़ रहा है और कई देश अपनी रणनीति तय करने में जुटे हैं।
क्या पाकिस्तान पर बढ़ रहा है सऊदी का दबाव?
विश्लेषकों का मानना है कि सऊदी अरब अब ईरानी खतरों का सामना अकेले नहीं करना चाहता। इसलिए वह अपने करीबी सहयोगी पाकिस्तान से ज्यादा सक्रिय समर्थन की उम्मीद कर रहा है। दोनों देशों के बीच पहले से संयुक्त सामरिक रक्षा सहयोग मौजूद है। ऐसे में यदि क्षेत्रीय तनाव और बढ़ता है तो पाकिस्तान पर सऊदी अरब की ओर से सैन्य सहयोग देने का दबाव बढ़ सकता है।
आर्थिक मदद भी बन सकती है कारण
सऊदी अरब लंबे समय से पाकिस्तान को आर्थिक सहायता, निवेश और तेल आपूर्ति के जरिए समर्थन देता रहा है। पाकिस्तान की कमजोर आर्थिक स्थिति को देखते हुए विशेषज्ञों का मानना है कि इस रिश्ते का असर राजनीतिक और सैन्य फैसलों पर भी पड़ सकता है। यदि सऊदी अरब किसी बड़े सुरक्षा संकट का सामना करता है, तो पाकिस्तान के लिए पूरी तरह तटस्थ रहना मुश्किल हो सकता है।
ईरान से जुड़े हमलों ने बढ़ाई चिंता
हाल के दिनों में सऊदी अरब को ईरान समर्थित हमलों का सामना करना पड़ा है। सऊदी रक्षा मंत्रालय के अनुसार, शायबह ऑयल फील्ड की ओर बढ़ रहे 16 ड्रोन को एयर डिफेंस सिस्टम ने मार गिराया। इसके अलावा प्रिंस सुल्तान एयर बेस अल-खरज पर दागी गई एक बैलिस्टिक मिसाइल और एक क्रूज मिसाइल को भी नष्ट कर दिया गया। यह इलाका रियाद से करीब 80 किलोमीटर दूर स्थित एक महत्वपूर्ण औद्योगिक केंद्र है।
28 फरवरी के बाद सबसे बड़ा हमला
बताया जा रहा है कि शायबह ऑयल फील्ड पर हालिया हमला 28 फरवरी के बाद का सबसे बड़ा प्रयास था। यह क्षेत्र सऊदी अरब के तेल और गैस संसाधनों का प्रमुख केंद्र माना जाता है। इसी बीच संयुक्त अरब अमीरात ने भी पिछले 24 घंटों में 125 से ज्यादा ड्रोन और छह बैलिस्टिक मिसाइलों को नष्ट करने का दावा किया है। क्षेत्र में बढ़ते सैन्य तनाव के कारण अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता बढ़ती जा रही है।