अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच तनाव अब खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है। कंधार के स्पिन बोल्दक इलाके में पाकिस्तानी ड्रोन हमले की खबरों ने पूरे क्षेत्र में हलचल मचा दी है। बताया जा रहा है कि पाकिस्तान ने तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) के ठिकानों को निशाना बनाया, जबकि अफगान तालिबान का दावा है कि उसके भी कई सैनिक मारे गए हैं। दोनों देशों की सेनाओं के बीच हुई इस झड़प ने डूरंड लाइन को फिर से युद्ध क्षेत्र बना दिया है।
कंधार में पाकिस्तानी ड्रोन हमला, कई धमाकों से दहला बॉर्डर
अफगान मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, पाकिस्तान ने मंगलवार रात कंधार प्रांत के स्पिन बोल्दक इलाके में कई ड्रोन और मिसाइल हमले किए। इन हमलों का निशाना कथित तौर पर TTP के ठिकाने बताए जा रहे हैं, लेकिन इससे आसपास के गांवों में भी भारी नुकसान की खबर है। चश्मदीदों के मुताबिक, धमाकों की आवाजें देर रात तक सुनाई देती रहीं और स्थानीय लोग दहशत में अपने घरों से निकल पड़े।
तालिबान की चुप्पी, लेकिन गुस्से में अफगान बल
अब तक अफगान तालिबान सरकार की ओर से कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। हालांकि, अफगान प्रवक्ता जबीहुल्ला मुजाहिद ने दावा किया है कि जवाबी कार्रवाई में अफगान बलों ने 58 पाकिस्तानी सैनिकों को मार गिराया और 30 से अधिक को घायल किया है। उन्होंने कहा कि अफगान इस्लामिक अमीरात ने आत्मरक्षा में यह कदम उठाया क्योंकि पाकिस्तान लगातार सीमा उल्लंघन कर रहा था।
डूरंड लाइन फिर बनी युद्ध का मैदान
पाकिस्तान-अफगानिस्तान की सीमा पर स्थित डूरंड लाइन पिछले कई वर्षों से विवादों का केंद्र रही है। 2021 में तालिबान के सत्ता में आने के बाद से दोनों देशों के बीच सीमा विवाद और भी गहराया है। हाल ही में 20 सितंबर को इसी क्षेत्र में आत्मघाती हमला हुआ था, जिसके बाद पाकिस्तान ने सीमा पार यातायात रोक दिया था। अब ड्रोन और मिसाइल हमले इस तनाव को और बढ़ा रहे हैं।
TTP को लेकर सबसे बड़ा विवाद
पाकिस्तान का आरोप है कि अफगान तालिबान तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) के आतंकियों को पनाह दे रहा है, जो पाकिस्तानी सेना और नागरिक ठिकानों पर हमले करते हैं। वहीं, तालिबान प्रशासन का कहना है कि पाकिस्तान अपनी नाकामी छिपाने के लिए अफगानिस्तान को दोषी ठहरा रहा है। इस बयानबाजी के बीच सीमा पर दोनों देशों की सेनाएं आमने-सामने हैं।
क्षेत्रीय स्थिरता पर मंडराया खतरा
इन हमलों ने दक्षिण एशिया की सुरक्षा स्थिति को एक बार फिर अस्थिर कर दिया है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय की चिंता यह है कि अगर दोनों देशों के बीच संघर्ष बढ़ा तो यह पूरे क्षेत्र को प्रभावित कर सकता है। विशेषज्ञों के अनुसार, यह टकराव अब केवल सीमा विवाद नहीं, बल्कि ‘प्रॉक्सी वॉर’ के रूप में बदलता जा रहा है।