Indias nuclear program: भारत के उन्नत परमाणु कार्यक्रम में नई उपलब्धि के बाद पाकिस्तान की चिंताएं बढ़ गई हैं। भारत के कलपक्कम में स्थित प्रोटोटाइप फास्ट ब्रीडर रिएक्टर (PFBR) के क्रिटिकल होने के बाद पाकिस्तानी अधिकारियों ने गंभीर आशंकाएं जताई हैं। उनका दावा है कि इससे भारत की परमाणु हथियार बनाने की क्षमता में तेज़ी से इजाफा हो सकता है।
PFBR की क्रिटिकैलिटी से बढ़ी क्षमता
न्यूक्लियर रिएक्टर में “क्रिटिकैलिटी” वह अवस्था होती है, जब परमाणु विखंडन की श्रृंखला प्रतिक्रिया स्थिर हो जाती है और बिना बाहरी सहायता के लगातार चलती रहती है। PFBR के इस चरण तक पहुंचने को भारत की परमाणु तकनीक में बड़ी सफलता माना जा रहा है, जो ऊर्जा और रणनीतिक दोनों दृष्टि से अहम है।
अधिकारी ने लगाए बड़े आरोप
पाकिस्तान के रणनीतिक प्लान डिविजन से जुड़े जाहिर काजमी ने आरोप लगाया कि भारत का यह रिएक्टर हथियार-ग्रेड प्लूटोनियम के उत्पादन को काफी बढ़ा सकता है। उन्होंने दावा किया कि भविष्य में भारत हर साल करीब 300 परमाणु हथियार बनाने की क्षमता हासिल कर सकता है, हालांकि इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
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जताई चिंता
काजमी ने अग्नि-V और अग्नि-VI जैसी लंबी दूरी की मिसाइलों का जिक्र करते हुए कहा कि इनकी मारक क्षमता यूरोप तक पहुंच सकती है। उन्होंने आरोप लगाया कि भारत का बढ़ता परमाणु और मिसाइल जखीरा वैश्विक स्थिरता के लिए खतरा बन सकता है।
रणनीतिक संतुलन का मुद्दा
इस बयान के बाद क्षेत्रीय और वैश्विक स्तर पर रणनीतिक संतुलन को लेकर बहस तेज हो सकती है। विशेषज्ञों का मानना है कि भारत का परमाणु कार्यक्रम मुख्य रूप से प्रतिरोधक क्षमता (deterrence) पर आधारित है, लेकिन पड़ोसी देशों की चिंताओं के चलते इस मुद्दे पर अंतरराष्ट्रीय चर्चा बढ़ना तय माना जा रहा है।