ऑपरेशन सिंदूर ने पाकिस्तान की कमर तोड़ कर रख दी है, इस ऑपरेशन के बाद पाकिस्तान की सेना और आईएसआई में खौफ का माहौल है. ऐसे में पाकिस्तान की सेना ने हथियारों की जिहादी शॉपिंग लिस्ट तैयार कर ली है. सूत्रों के मुताबिक ऑपरेशन सिंदूर से बौखलाए पाकिस्तानी आर्मी और ISI ने चीन और तुर्की से हथियार खरीद की पूरी लिस्ट तैयार कर ली है. पाकिस्तान के चीन से भी भारी मात्रा में ग्राउंड बेस्ड लांचर खरीदने की तैयारी है. इससे पाकिस्तान रॉकेट, ग्रेनेड और बड़े गोले फेंक सकता है.
चीन-तुर्की की मदद से तैयार हो रही नई ब्रिगेड
दावा है कि पाकिस्तान विंगल भी चीन से एक बार फिर खरीद रहा है. सूत्रों के मुताबिक इन ड्रोन को चाइनीस किलर ड्रोन के नाम से जाना जाता है. पाकिस्तान इस बार भी ऑपरेशन सिंदूर के बाद चीन और तुर्की के आर्म्स ड्रोन का इस्तेमाल कर रहा है. यही नहीं चीन और तुर्की की मदद से पाकिस्तान ड्रोन की एक बड़ी ब्रिगेड भी तैयार करने में लगा हुआ है. सूत्रों का कहना है कि इस ब्रिगेड को पीओके में तैनात करने की साजिश एक बार फिर पाकिस्तान रच रहा है. यही नहीं चीन जो पाकिस्तान का सबसे भरोसेमंद दोस्त है वो भी पाकिस्तान को ड्रोन की पूरी खेप देने में जुटा हुआ है.
चीन की शरण में फिर से पाकिस्तान
आपको बता दें चीन का उच्च स्तरीय डेलीगेशन पाकिस्तान के डेलीगेशन से मुलाकात भी कर चुका है. पाकिस्तान अटैक ड्रोन की जो ब्रिगेड तैयार कर रहा है उसके लिए तुर्की की एक कंपनी से उसने एक समझौता 2021 में किया था जिसे फिर से रिन्यू करने के लिए बातचीत भी कर ली गई है. इसे लेकर जुलाई 2025 में तुर्की के आर्मी चीफ के साथ पाकिस्तान के आर्मी चीफ की मुलाकात भी होने की संभावना है बता दें कि हाल ही में ऑपरेशन सिंदूर के बाद बीएसएफ ने चीन निर्मित कई बड़े सर्विलांस सिस्टम बॉर्डर पार ध्वस्त किए थे. जिसके बाद चीन की शरण में फिर से पाकिस्तान जा रहा है. पाकिस्तान चीन से सर्विलांस सिस्टम भी बड़ी तादाद में खरीद रहा है. राजस्थान के जैसलमेर बीकानेर सीमा पार इंटरनेशनल बॉर्डर के उस पार सर्विलांस इक्विपमेंट्स लगा रहा है जिसे हाल ही में पाक ने चीन से खरीदा है. इसी इलाके में सीमा पार जैश का हेड क्वार्टर बहावलपुर था जिसे भारतीय सेना ने एक ही बार में जमीदोज कर दिया था.