Balochistan: ऑपरेशन सिंदूर ने सिर्फ आतंकियों के अड्डों को ही तबाह नहीं किया है. बल्कि एक संदेश भी दिया है कि पाकिस्तान की गीदड़ भभकी किसी काम की नहीं है. उसी का असर है कि पाकिस्तान के दो टुकड़े होने की खबर मीडिया में सुर्खियां बटोर रही हैं. दावा किया जा रहा है कि पाकिस्तान टूट चुका है. अब ब्लूचिस्तान पाक का हिस्सा नहीं रहा है. ये बात सोशल मीडिया में जमकर वायरल हो रही है. सिंध के लोग भी अलग देश की मांग कर रहे हैं. इस बीच एक बलोच नेता ने दावा किया है कि अब बलूचिस्तान पाकिस्तान का हिस्सा नहीं है.
'बलूचों को पाकिस्तानी कहना बंद करें'
बलूच नेता मीर यार बलोच ने एक्स पर पोस्ट कर कहा कि "बलूचिस्तान के लोगों ने अपना राष्ट्रीय फैसला ले लिया है और अब दुनिया को भी चुप नहीं रहना चाहिए. उन्होंने भारत समेत अंतरराष्ट्रीय समुदाय से समर्थन की अपील की है. उन्होंने भारतीय मीडिया, यूट्यूबर्स और बुद्धिजीवियों से आग्रह किया कि वे बलूचों को पाकिस्तान के अपने लोग कहना बंद करें. भावुक अपील करते हुए उन्होंने कहा कि हम अपनी नस्ल बचाने के लिए निकले हैं, आओ हमारा साथ दो,,
आतंकियों का देश पाकिस्तान
मीर यार बलोच यहीं नहीं रुके, उन्होने साफ कहा कि पाकिस्तान आतंकियों का मुल्क है. कर्ज लेकर सिर्फ आतंकियों को पनाह देने का काम करता है. जिसके चलते देश में भुखमरी एक आम समस्या बन गई है..मीर यार बलोच ने कहा, "पाकिस्तान को दी जाने वाली अंतरराष्ट्रीय सहायता और कर्ज पैसे की बर्बादी थी. 1947 से 2025 तक पाकिस्तान ने पश्चिम, आईएमएफ, विश्व बैंक से अरबों डॉलर प्राप्त किए और हजारों जिहादी समूहों का समर्थन किया. पाकिस्तान ने आतंकवाद के खिलाफ युद्ध के नाम पर अमेरिका से फंड लिया, लेकिन इन पैसों का इस्तेमाल 9/11 हमले के बाद अफगानिस्तान में 5000 से अधिक अमेरिकी सैनिकों, नाटो सैन्य बलों और नागरिकों को मारने के लिए आतंकियों पर खर्च किए."