
पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। रावलपिंडी की एक आतंकवाद निरोधी अदालत (एटीसी) ने सोमवार को पुलिस को निर्देश दिया कि वह पाकिस्तान के पूर्व पीएम इमरान खान की बहन अलीमा खान को गिरफ्तार करे और बीते साल 26 नवंबर को पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) की ओर से किए गए विरोध प्रदर्शन से जुड़े केस में उन्हें 22 अक्टूबर को कोर्ट में पेश किया जाए।
अदालती कार्यवाही में लगातार अनुपस्थिति बनी वजह
पाकिस्तानी मीडिया के अनुसार, एटीसी जज अमजद अली शाह ने अलीमा खान की अदालती कार्यवाही में लगातार अनुपस्थित रहने के बाद उनके खिलाफ गैर-जमानती गिरफ्तारी वारंट को जारी किया। जज का निर्णय बीते साल 26 नवंबर को पीटीआई के विरोध प्रदर्शन से जुड़े मामले में अलीमा खान समेत 10 आरोपियों पर अभियोग लगाने के बाद आया है।
अभियोजन पक्ष के पांच गवाहों ने अपने बयान दर्ज कराए
सोमवार को सुनवाई के वक्त इस मामले में जिन 10 अन्य आरोपियों के नाम सामने आए हैं, वे अदालत में मौजूद थे। वहीं अभियोजन पक्ष के पांच गवाहों ने अपने बयान दर्ज कराए। कोर्ट ने अलीमा खान के गारंटर उमर शरीफ के लिए गैर-जमानती गिरफ्तारी वारंट को जारी किया है। अदालत ने पिंडी के डिप्टी कमिश्नर को अलीमा खान के गारंटर की ओर से संपत्ति के दस्तावेजों की पुष्टि करने का निर्देश दिया। बीते साल 26 नवंबर को विरोध प्रदर्शन का लक्ष्य पाकिस्तान सरकार पर पीटीआई के संस्थापक इमरान खान को रिहा करने को लेकर दबाव बनाना था। भ्रष्टाचार और आतंकवाद समेत कई केस दर्ज होने के बाद, पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान अगस्त 2023 से जेल में बंद हैं।