पाकिस्तान में महिलाओं के खिलाफ हिंसा के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। एक मानवाधिकार संगठन की रिपोर्ट के अनुसार, अकेले पंजाब प्रांत में 2021 से 2025 के बीच महिलाओं और लड़कियों के खिलाफ हिंसा के 1,95,787 मामले दर्ज किए गए। पीस एंड जस्टिस नेटवर्क पाकिस्तान की 'नेशनल जेंडर-बेस्ड वायलेंस क्राइम रिपोर्ट 2021-25' के मुताबिक, पांच वर्षों के दौरान पूरे पाकिस्तान में दर्ज लैंगिक हिंसा के कुल मामलों में लगभग 82 प्रतिशत मामले पंजाब से थे। रिपोर्ट के अनुसार, पंजाब में घरेलू हिंसा के 14,824 मामले दर्ज किए गए। इनमें 3,746 ऐसे मामले थे, जिनमें महिलाओं की जान चली गई।
299 घटनाएं शामिल थीं
इसके अलावा, प्रांत में ऑनर किलिंग के 830 और महिलाओं को जलाने के 442 मामले दर्ज किए गए। इनमें एसिड अटैक के 143 और स्टोव से जलाने की 299 घटनाएं शामिल थीं।
यौन हिंसा के कुल 20,560 मामले
महिलाओं के खिलाफ यौन हिंसा के भी बड़ी संख्या में मामले दर्ज किए गए। पांच वर्षों के दौरान पंजाब में यौन हिंसा के कुल 20,560 मामले सामने आए। इनमें बलात्कार के 16,827 और सामूहिक बलात्कार के 2,183 मामले शामिल थे। इसके अलावा हिरासत में यौन हिंसा के 189 और परिवार के भीतर यौन शोषण के 1,361 मामले दर्ज किए गए।
रिपोर्ट के मुताबिक, 2021 से 2025 के बीच पंजाब में महिलाओं और लड़कियों के अपहरण के 90,965 मामले दर्ज किए गए। यह रिपोर्ट में दी गई अलग-अलग श्रेणियों में सबसे बड़ी संख्या है।
अलग-अलग श्रेणियों में नहीं बांट
इसके अलावा लैंगिक हिंसा के अन्य प्रकारों से जुड़े 68,165 मामले भी दर्ज किए गए, जिन्हें अलग-अलग श्रेणियों में नहीं बांटा गया। साल के हिसाब से देखें तो पंजाब में 2021 में महिलाओं और लड़कियों के खिलाफ हिंसा के 23,032 मामले दर्ज किए गए थे। वर्ष 2022 में यह संख्या बढ़कर 28,080 और 2023 में 35,238 हो गई।