सुपर-8 में इंग्लैंड से हार के बाद पाकिस्तान की राह मुश्किल जरूर दिख रही है, लेकिन कहानी यहीं खत्म नहीं हुई है। ग्रुप बी में पाकिस्तान के साथ इंग्लैंड, श्रीलंका और न्यूजीलैंड हैं। इंग्लैंड अपने दोनों मुकाबले जीतकर सेमीफाइनल में जगह बना चुका है। अब बची हुई टीमों के बीच दूसरे स्थान के लिए असली मुकाबला है। पाकिस्तान के पास अभी भी मौका है, लेकिन उसे बाकी नतीजों पर भी नजर रखनी होगी।
बारिश और हार ने बढ़ाई टेंशन
सुपर-8 में पाकिस्तान का पहला मैच न्यूजीलैंड के खिलाफ बारिश में धुल गया था, जिससे दोनों टीमों को एक-एक अंक मिला। इसके बाद इंग्लैंड से मिली हार ने हालात और जटिल कर दिए। अब पाकिस्तान का आखिरी मुकाबला श्रीलंका से है। यही मैच उसकी किस्मत तय करेगा। जीत के बिना आगे बढ़ने का सवाल ही नहीं उठता।
पहला रास्ता क्या कहता है
पहला समीकरण यह है कि पाकिस्तान अपने आखिरी मैच में श्रीलंका को हराए। साथ ही न्यूजीलैंड और श्रीलंका का मुकाबला या तो बारिश में रद्द हो जाए या न्यूजीलैंड मामूली अंतर से जीते, ताकि उसका नेट रन रेट पाकिस्तान से बेहतर न हो। इसके अलावा इंग्लैंड अगर न्यूजीलैंड को भी हरा दे तो स्थिति पाकिस्तान के पक्ष में जा सकती है। इस हालात में पाकिस्तान और न्यूजीलैंड के अंक बराबर हो सकते हैं, तब नेट रन रेट फैसला करेगा।
दूसरा समीकरण थोड़ा कठिन
दूसरी स्थिति और पेचीदा है। अगर श्रीलंका न्यूजीलैंड को हरा दे और न्यूजीलैंड इंग्लैंड को मात दे दे, तो अंक तालिका में नया उलझाव पैदा हो सकता है। ऐसे में पाकिस्तान को श्रीलंका के खिलाफ सिर्फ जीत ही नहीं, बल्कि बड़े अंतर से जीत चाहिए होगी। ताकि उसका नेट रन रेट न्यूजीलैंड से बेहतर हो सके।
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नेट रन रेट की बड़ी भूमिका
इस ग्रुप में अब हर रन और हर विकेट अहम हो गया है। कई टीमें समान अंकों पर पहुंच सकती हैं। ऐसे में नेट रन रेट ही असली निर्णायक बनेगा। पाकिस्तान को न सिर्फ जीत दर्ज करनी है, बल्कि कोशिश करनी होगी कि जीत का अंतर बड़ा हो। छोटी जीत उसे मुश्किल में डाल सकती है।
उम्मीद अभी बाकी है
हालात जरूर कठिन हैं, लेकिन पाकिस्तान पूरी तरह बाहर नहीं हुआ है। अगर बाकी मैच उसके पक्ष में जाते हैं और वह अपना काम सही ढंग से करता है, तो सेमीफाइनल का टिकट मिल सकता है। अब सबकी नजर आखिरी मुकाबले और दूसरे मैचों के नतीजों पर टिकी है, जो पाकिस्तान की किस्मत तय करेंगे।