कोलंबो में न्यूजीलैंड ने श्रीलंका को 61 रन से हराकर ग्रुप 2 की तस्वीर काफी हद तक साफ कर दी है। इस जीत के बाद न्यूजीलैंड का नेट रन रेट काफी बेहतर हो गया है और वह इंग्लैंड के साथ मजबूत स्थिति में दिख रहा है। वहीं पाकिस्तान अंक तालिका में पीछे है और उसका नेट रन रेट भी माइनस में है। ऐसे में सेमीफाइनल की राह अब बेहद कठिन हो गई है।
क्या अब भी मौका है पाकिस्तान के पास
पाकिस्तान पूरी तरह बाहर नहीं हुआ है, लेकिन अब सिर्फ जीत से काम नहीं चलेगा। उसे अपने आखिरी मैच में श्रीलंका को बड़े अंतर से हराना होगा। मौजूदा हालात के अनुसार करीब 70 रन की जीत या फिर लक्ष्य को कम ओवर में हासिल करना जरूरी हो सकता है। नेट रन रेट में सुधार किए बिना सेमीफाइनल का सपना अधूरा रह सकता है।
इंग्लैंड-न्यूजीलैंड मैच की अहमियत
पूरे समीकरण की चाबी इंग्लैंड और न्यूजीलैंड के मुकाबले में है। अगर इंग्लैंड न्यूजीलैंड को हराता है तो पाकिस्तान के लिए उम्मीद की किरण जिंदा रहेगी। जीत का अंतर जितना बड़ा होगा, पाकिस्तान के लिए रास्ता उतना आसान होगा। लेकिन अगर यह मैच बारिश से रद्द हो गया तो न्यूजीलैंड को फायदा मिलेगा और पाकिस्तान की मुश्किलें बढ़ जाएंगी।
गणित कैसे बदलेगा तस्वीर
मान लीजिए इंग्लैंड न्यूजीलैंड को मामूली अंतर से हराता है, तब भी पाकिस्तान को बड़ी जीत चाहिए होगी। अगर श्रीलंका पहले बल्लेबाजी कर बड़ा स्कोर बनाता है, तो पाकिस्तान को लक्ष्य कम ओवर में हासिल करना होगा। हर रन और हर ओवर यहां अहम बन चुका है। अब मैदान पर उतरते समय टीम को पूरा गणित साफ होगा।
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हार का मतलब सीधा बाहर
अगर पाकिस्तान अपने आखिरी मैच में श्रीलंका से हार जाता है, तो कहानी वहीं खत्म हो जाएगी। यहां तक कि अगर न्यूजीलैंड इंग्लैंड को हरा देता है, तो पाकिस्तान अपने मैच से पहले ही बाहर हो सकता है। यानी हालात पूरी तरह उसके नियंत्रण में नहीं हैं।
उम्मीद कम, लेकिन खत्म नहीं
कुल मिलाकर पाकिस्तान की सेमीफाइनल संभावना अब मुश्किल समीकरणों पर टिकी है। नेट रन रेट की दौड़ में पिछड़ना भारी पड़ रहा है। फिर भी क्रिकेट में आखिरी गेंद तक उम्मीद रहती है। अब देखना यह है कि क्या पाकिस्तान दबाव में शानदार प्रदर्शन कर पाएगा या ग्रुप 2 की दौड़ यहीं खत्म हो जाएगी।