बलूचिस्तान में बिगड़ती सुरक्षा स्थिति के चलते पाकिस्तान के विभिन्न प्रमुख शहरों से क्वेटा के लिए बस सेवाएं निलंबित कर दी गई हैं। स्थानीय मीडिया ने परिवहन सूत्रों के हवाले से बताया कि सभी बसों को रखनी (राखनी) में रोक दिया गया, जिससे सैकड़ों यात्री रास्ते में फंसे हुए हैं। अधिकारियों और परिवहन संचालकों के अनुसार, शनिवार से क्वेटा और पाकिस्तान के अन्य हिस्सों के बीच बस सेवाएं बंद हैं और अगली सूचना तक इनके बहाल होने की कोई संभावना नहीं है। इसके साथ ही क्वेटा और बलूचिस्तान के अन्य इलाकों में इंटरनेट सेवाएं भी निलंबित कर दी गई हैं, जिससे आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है।
व्यापारिक गतिविधियां और सामान्य संचार बाधित हो गए
इंटरनेट बंद होने और हवाई व रेल सेवाओं के आंशिक या पूर्ण रूप से ठप होने के कारण व्यापारिक गतिविधियां और सामान्य संचार बाधित हो गए हैं। इसका असर शिक्षा क्षेत्र पर भी पड़ा है। कैडेट कॉलेज मस्तूंग प्रशासन ने रविवार (1 फरवरी) को होने वाली प्रवेश परीक्षा को अपरिहार्य कारणों से अब 5 फरवरी तक के लिए स्थगित कर दिया है।
हमलों और सशस्त्र झड़पों की खबरें सामने आ रही
यह स्थिति तब उत्पन्न हुई जब बलूच लिबरेशन आर्मी (बीएलए) ने शनिवार को बलूचिस्तान में अपने अभियान ‘ऑपरेशन हीरोफ’ के दूसरे चरण की शुरुआत की घोषणा की। इसके बाद से प्रांत के विभिन्न इलाकों से हमलों और सशस्त्र झड़पों की खबरें सामने आ रही हैं।
बीएलए के प्रवक्ता जीयंद बलोच ने इसे “निर्णायक प्रतिरोध की घोषणा” बताते हुए कहा कि यह नया चरण “कब्जा करने वाले राज्य और उसके सभी सैन्य व प्रशासनिक ढांचों” के खिलाफ है। उन्होंने दावा किया कि बलूचिस्तान के लोग बलूच लड़ाकों के साथ खड़े होकर “हर शहर, गली और मोहल्ले में दुश्मन को हराएंगे” और यह साबित करेंगे कि “बलूचिस्तान में कब्जेदार के लिए कोई जगह नहीं है।”
पुलिस व सैन्य ठिकानों पर हमलों की खबरें हैं
स्थानीय निवासियों और सूत्रों के हवाले से बलूचिस्तान पोस्ट ने बताया कि क्वेटा, नुश्की, कलात, मस्तूंग, दल्बंदीन, खारान, ग्वादर, पसनी, तुम्प, बुलेदा और धादर सहित कई इलाकों में हालात बेहद तनावपूर्ण बने हुए हैं। कई जगहों से भारी गोलीबारी, विस्फोटों और पाकिस्तानी पुलिस व सैन्य ठिकानों पर हमलों की खबरें हैं।