Pakistan ICC Punishment : इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट सीरीज में शर्मनाक हार झेलने के बाद पाकिस्तान क्रिकेट टीम को एक और बड़ा झटका लगा है। बर्मिंघम के एजबेस्टन मैदान पर खेले गए तीसरे टेस्ट में स्लो ओवर रेट बनाए रखने के कारण अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद ने पाकिस्तान पर कड़ी कार्रवाई की है। पहले ही 0-3 से सीरीज गंवा चुकी टीम के लिए यह फैसला किसी बड़े झटके से कम नहीं माना जा रहा। आईसीसी की कार्रवाई के बाद पाकिस्तान क्रिकेट में एक बार फिर सवाल उठने लगे हैं कि आखिर टीम मैदान के भीतर और बाहर लगातार गलतियों से कब सबक लेगी।
एक साथ मिली दो बड़ी सजा
आईसीसी ने पाकिस्तान टीम पर मैच फीस का 50 प्रतिशत जुर्माना लगाया है। इसके साथ ही वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप 2025-27 अंक तालिका से 11 महत्वपूर्ण अंक भी काट लिए गए हैं। रिपोर्ट के मुताबिक निर्धारित समय में पूरे ओवर नहीं फेंक पाने के कारण पाकिस्तान तय लक्ष्य से 11 ओवर पीछे रह गया था। यही वजह रही कि टीम पर नियमों के तहत सबसे बड़ी आर्थिक सजा भी लगाई गई और अंक तालिका में भी बड़ा नुकसान उठाना पड़ा।
कैसे फंसी पाकिस्तान टीम?
एजबेस्टन टेस्ट के दौरान ऑन-फील्ड अंपायर पॉल राइफल और क्रिस गैफनी, तीसरे अंपायर अल्लाहुद्दीन पालेकर और चौथे अंपायर रसेल वॉरेन ने पाकिस्तान के खिलाफ स्लो ओवर रेट की रिपोर्ट दी थी। इसके बाद आईसीसी एलीट पैनल के मैच रेफरी रंजन मदुगले ने मामले की समीक्षा की और कार्रवाई को मंजूरी दी। तय समय में ओवर पूरे नहीं कर पाना अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में गंभीर नियम उल्लंघन माना जाता है और पाकिस्तान इसी गलती की कीमत चुका रहा है।
WTC में और बिगड़ी हालत
इस कार्रवाई का सबसे बड़ा असर वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप अंक तालिका पर पड़ा है। पाकिस्तान पहले ही लगातार हार के कारण तालिका में सबसे नीचे चल रहा था। अब 11 अंक कटने के बाद उसकी स्थिति और खराब हो गई है। टीम का अंक प्रतिशत घटकर सिर्फ 4.63 रह गया है। क्रिकेट जानकारों का मानना है कि इस नुकसान के बाद पाकिस्तान के लिए वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप फाइनल की दौड़ में वापसी करना बेहद मुश्किल हो गया है। लगातार हार और अंक कटौती ने टीम की उम्मीदों को लगभग खत्म कर दिया है।
क्या कहते हैं ICC के नियम?
आईसीसी आचार संहिता के अनुसार निर्धारित समय से कम ओवर फेंकने पर प्रत्येक ओवर के लिए खिलाड़ियों की मैच फीस का 5 प्रतिशत जुर्माना लगाया जाता है। हालांकि इसकी अधिकतम सीमा 50 प्रतिशत तय है। वहीं वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप नियमों के मुताबिक हर कम ओवर के लिए एक अंक काटा जाता है। पाकिस्तान 11 ओवर पीछे रहा, इसलिए उसके खाते से सीधे 11 अंक घटा दिए गए। यही नियम अब पाकिस्तान की मुश्किलों की सबसे बड़ी वजह बन गया है।
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अब श्रीलंका सीरीज पर टिकी उम्मीदें
पाकिस्तान को अब नवंबर में श्रीलंका के खिलाफ दो टेस्ट मैचों की घरेलू सीरीज खेलनी है। मुकाबले रावलपिंडी और लाहौर में होंगे। टीम के लिए यह सीरीज सिर्फ जीत हासिल करने का मौका नहीं बल्कि अपनी खोई साख बचाने की भी चुनौती होगी। इंग्लैंड के खिलाफ क्लीन स्वीप, फिर आईसीसी की दोहरी सजा और WTC में गिरती स्थिति ने पाकिस्तान क्रिकेट को दबाव में ला दिया है। ऐसे में अब सभी की नजर इस बात पर होगी कि पाकिस्तान आने वाले मुकाबलों में वापसी कर पाता है या नहीं।