एशियन गेम्स 2026 का आयोजन जापान में 19 सितंबर से 4 अक्टूबर तक होने वाला है। यह एशिया का सबसे बड़ा खेल इवेंट माना जाता है। सभी देशों ने अपनी तैयारियां शुरू कर दी हैं। पाकिस्तान के खिलाड़ियों से भी उम्मीद की जा रही थी कि वे मजबूत प्रदर्शन करेंगे। लेकिन इस बार तैयारी के बीच ही एक बड़ा विवाद सामने आ गया है, जिसने खिलाड़ियों की चिंता बढ़ा दी है।
फेडरेशन का चौंकाने वाला फैसला
पाकिस्तान टेबल टेनिस फेडरेशन (PTTF) ने साफ कर दिया है कि एशियन गेम्स में हिस्सा लेने वाले खिलाड़ियों को अपना पूरा खर्च खुद उठाना होगा। इसमें यात्रा, हवाई टिकट और रहने-खाने का खर्च शामिल है। यह फैसला खिलाड़ियों के लिए बड़ा झटका साबित हुआ है। आमतौर पर ऐसे बड़े इवेंट में फेडरेशन खर्च उठाती है, लेकिन इस बार स्थिति अलग है। इस निर्णय के बाद खिलाड़ियों में निराशा फैल गई है।
खिलाड़ियों की नाराजगी और प्रतिक्रिया
लाहौर में चल रहे नेशनल ट्रायल्स के दौरान खिलाड़ियों को इस फैसले की जानकारी मिली। इसके बाद खिलाड़ियों ने फेडरेशन से दैनिक भत्ते और यात्रा खर्च को लेकर सवाल किए। लेकिन फेडरेशन ने साफ शब्दों में अपना फैसला दोहरा दिया। एक खिलाड़ी ने बताया कि उन्हें कहा गया है कि चयन होने पर भी हर खिलाड़ी को लगभग 50 डॉलर प्रतिदिन का खर्च खुद उठाना होगा। खिलाड़ियों ने इस फैसले का विरोध भी किया, लेकिन कोई बदलाव नहीं हुआ।
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पाकिस्तान का टेबल टेनिस इतिहास
पाकिस्तान का टेबल टेनिस में एशियाई स्तर पर अब तक प्रदर्शन बहुत कमजोर रहा है। देश ने आज तक एशियन गेम्स या एशियाई चैंपियनशिप में कोई पदक नहीं जीता है। एशिया में चीन, दक्षिण कोरिया, मलेशिया और भारत जैसे देश इस खेल में काफी आगे हैं। ऐसे में पाकिस्तान के खिलाड़ियों के लिए पहले से ही चुनौती बड़ी है। अब फेडरेशन के इस फैसले ने उनकी मुश्किलें और बढ़ा दी हैं।