पाकिस्तान के लाहौर और आसपास के इलाकों में हालात बेकाबू हो गए हैं। कट्टरपंथी संगठन तहरीक-ए-लब्बैक पाकिस्तान (TLP) के प्रमुख मौलाना साद रिजवी को गोली लगने की खबर के बाद समर्थक सड़कों पर उतर आए। मुरीदके शहर में हिंसा, आगजनी और पुलिस पर हमले जारी हैं। पाकिस्तान रेंजर्स और पांच जिलों की पुलिस ने इलाके को घेर लिया है। बताया जा रहा है कि साद रिजवी का ऑपरेशन किया जा रहा है और सुरक्षा बलों ने पूरे क्षेत्र को सैन्य घेरे में ले लिया है।
मुरीदके में चल रहा बड़ा ऑपरेशन
पाकिस्तानी सुरक्षा एजेंसियों ने रविवार सुबह मुरीदके में तहरीक-ए-लब्बैक के ठिकानों पर सर्च ऑपरेशन शुरू किया। इलाके को चारों तरफ से सील कर दिया गया है। रेंजर्स और पुलिस की संयुक्त टीम ने तहरीक-ए-लब्बैक के कैंपों को घेर लिया है। रिपोर्ट के अनुसार साद रिजवी और उसके सहयोगी अन्स रिजवी इस क्षेत्र में छिपे हुए हैं। लाहौर पुलिस, गुजरांवाला, सियालकोट और गुजरात जिलों से अतिरिक्त बल भेजा गया है।
फिलिस्तीन समर्थन से भड़का आंदोलन
TLP का विरोध प्रदर्शन 10 अक्टूबर से शुरू हुआ था। संगठन ने गाजा और फिलिस्तीन के समर्थन में “लब्बैक या अक्शा मिलियन मार्च” का ऐलान किया था, जो इस्लामाबाद में अमेरिकी दूतावास तक जाना था। पुलिस ने जुलूस की अनुमति नहीं दी, जिसके बाद प्रदर्शन हिंसक हो गया। TLP कार्यकर्ताओं ने पुलिस पर पेट्रोल बम और पत्थर फेंके। झड़पों में अब तक 48 पुलिसकर्मी घायल और कई नागरिकों की मौत की खबर है।
साद रिजवी कौन है
साद हुसैन रिजवी, तहरीक-ए-लब्बैक पाकिस्तान के संस्थापक खादिम हुसैन रिजवी का बेटा है। पिता की 2020 में मृत्यु के बाद उसने संगठन की कमान संभाली। TLP पाकिस्तान में इस्लामी शासन “निज़ाम-ए-मुस्तफा” लागू करने की मांग करता है। मौजूदा विरोध के दौरान रिजवी खुद लाहौर से जुलूस का नेतृत्व कर रहा था, इसी दौरान गोली लगने से घायल हो गया।
हालात बेकाबू, सरकार सतर्क
प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और गृह मंत्री मोहसिन नकवी ने आपात बैठक कर सुरक्षा स्थिति की समीक्षा की है। लाहौर के 85 थानों से पुलिस बल को मुरीदके भेजा गया है। पूरे क्षेत्र में इंटरनेट सेवाएं बंद हैं और स्थिति पर सेना की नजर है।