
Pakistan woman returned India: 22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद देश में रह रहे पाकिस्तानी नागरिकों के वीजा रद्द कर दिए गए थे. इसी दौरान जम्मू के तालाब खटिकान इलाके की रहने वाली 63 वर्षीय रक्षंदा राशिद को भी भारत छोड़ना पड़ा. वह पिछले 30 वर्षों से भारत में रह रही थीं और एक भारतीय रिटायर्ड अधिकारी की पत्नी हैं. हमले के बाद उन्हें 29 अप्रैल को अटारी-वाघा बॉर्डर के रास्ते पाकिस्तान भेज दिया गया, जबकि उनका परिवार यहीं भारत में है.
परिवार की याचिका पर कोर्ट ने दिया राहत भरा फैसला
रक्षंदा के पाकिस्तान जाने के बाद उनके परिवार ने जम्मू-कश्मीर हाई कोर्ट में याचिका दाखिल की. याचिका में कहा गया कि पाकिस्तान में उनका कोई परिजन नहीं है और वे बीमार हालत में लाहौर के एक होटल में अकेली रह रही हैं. कोर्ट ने मामले को गंभीरता से लेते हुए केंद्र सरकार को निर्देश दिया कि 10 दिनों के भीतर रक्षंदा को भारत वापस लाने की व्यवस्था की जाए. इसके बाद सरकार ने उन्हें विजिटर वीजा जारी करने का सैद्धांतिक निर्णय लिया.
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भारतीय नागरिकता की प्रक्रिया भी होगी शुरू
सुनवाई के दौरान भारत सरकार की ओर से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने अदालत को बताया कि रक्षंदा को भारत में प्रवेश की अनुमति दी जाएगी और वे भारतीय नागरिकता प्राप्त करने की प्रक्रिया भी आगे बढ़ा सकेंगी. मुख्य न्यायाधीश अरुण पल्ली और न्यायमूर्ति राजनेश ओसवाल की पीठ ने दोनों पक्षों के बीच हुए समझौते को स्वीकार करते हुए याचिका समाप्त कर दी. अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि यह फैसला विशेष परिस्थितियों के आधार पर लिया गया है और अन्य मामलों में इसका उपयोग उदाहरण के रूप में नहीं किया जाएगा.