बलूचों के साथ ज्यादती जारी है। यह सिलसिला पाकिस्तान में खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है। एक मानवाधिकार संगठन ने सोमवार जनकारी दी कि ये समस्या लगातार गंभीर रूप लेती जा रही है। हाल ही में बलूचिस्तान के 15 नागरिकों को पाकिस्तानी सुरक्षा बलों ने हिरासत में ले लिया है।
15 से ज्यादा नागरिकों को अपनी कस्टडी में लिया
मानवाधिकार संगठन बलूच वॉयस फॉर जस्टिस (बीवीजे) ने जानका री दी कि डेरा बुग्ती में 21 नवंबर को पाकिस्तान फ्रंटियर कॉर्प्स और काउंटर टेररिज्म डिपार्टमेंट (सीटीडी) के लोग कई घरों में एंटर करा और 15 से ज्यादा नागरिकों को अपनी कस्टडी में ले लिया।
बिना किसी वैधानिक प्रक्रिया के लोगों को कस्टडी में लिया जा रहा
हिरासत में लिए गए लोगों में से नौ की पहचान कसैर, जेहा खान, बुगती खान, शबीर, मंगल, हसन, रशीद, नोरोज और इस्लाम के रूप में सामने आई है। बीवीजे ने कहा, ये रेड गैरकानूनी है। एक बार फिर साबित हो चुका है कि कैसे बिना पूर्व सूचना के लोगों को हिरासत में रखा गया है। परिजनों पर दबाव डाला गया है। उन्हें खौफजदा करके और बिना किसी वैधानिक प्रक्रिया के लोगों को कस्टडी में लिया जा रहा है। ये मानवाधिकार मानकों के तहत गंभीर चिंता पैदा करता है, जो आम लोगों को मनमानी गिरफ्तारी से बचाते हैं।
निर्दोष नागरिकों की रिहाई सुनिश्चित कराएं
संगठन ने संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार, ईयू, एमनेस्टी इंटरनेशनल, ह्यूमन राइट्स वॉच और अन्य वैश्विक पर्यवेक्षकों से अपील की कि इस मामले की गंभीरता को देखते हुए स्वतंत्र जांच कराई जाए और हिरासत में रखे गए निर्दोष नागरिकों की रिहाई सुनिश्चित कराएं।