Aaj Ka Panchang 12 October 2026: 12 अक्टूबर 2026, सोमवार को आश्विन मास के शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि है। इस दिन शारदीय नवरात्र का दूसरा दिन मनाया जाएगा और मां दुर्गा के ब्रह्मचारिणी स्वरूप की पूजा की जाएगी। पंचांग के अनुसार, द्वितीया तिथि रात 10 बजकर 14 मिनट तक रहेगी। वहीं, विष्कुंभ योग रात 8 बजकर 32 मिनट तक और स्वाती नक्षत्र रात 11 बजकर 53 मिनट तक रहेगा। सोमवार शाम 6 बजकर 49 मिनट पर बुध विशाखा नक्षत्र में प्रवेश करेंगे। ऐसे में दिनभर के धार्मिक कार्यों और शुभ कामों की योजना बनाने के लिए तिथि, योग, नक्षत्र और शुभ मुहूर्त की जानकारी होना जरूरी है। आइए जानते हैं 12 अक्टूबर का पूरा पंचांग, राहुकाल और अलग-अलग शहरों में इसका समय। 12 अक्टूबर 2026 का पंचांग दिन: सोमवार मास: आश्विन पक्ष: शुक्ल पक्ष तिथि: द्वितीया, रात 10:14 बजे तक योग: विष्कुंभ, रात 8:32 बजे तक नक्षत्र: स्वाती, रात 11:53 बजे तक नवरात्र का दिन: दूसरा दिन पूजित देवी: मां ब्रह्मचारिणी बुध का नक्षत्र परिवर्तन: शाम 6:49 बजे, बुध विशाखा नक्षत्र में प्रवेश करेंगे 12 अक्टूबर के शुभ मुहूर्त ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 4:40 से 5:30 बजे तक प्रातः संध्या: सुबह 5:05 से 6:19 बजे तक अभिजित मुहूर्त: सुबह 11:44 से दोपहर 12:31 बजे तक विजय मुहूर्त: दोपहर 2:04 से 2:50 बजे तक गोधूलि मुहूर्त: शाम 5:56 से 6:21 बजे तक सायाह्न संध्या: शाम 5:56 से 7:10 बजे तक अमृत काल: दोपहर 3:55 से शाम 5:34 बजे तक निशिता मुहूर्त: रात 11:43 बजे से 13 अक्टूबर की रात 12:33 बजे तक द्विपुष्कर योग: रात 9:30 से 10:32 बजे तक 12 अक्टूबर को किस शहर में कब रहेगा राहुकाल? दिल्ली: सुबह 7:47 से 9:14 बजे तक मुंबई: सुबह 8:00 से 9:29 बजे तक चंडीगढ़: सुबह 7:50 से 9:16 बजे तक लखनऊ: सुबह 7:31 से 8:59 बजे तक भोपाल: सुबह 7:44 से 9:11 बजे तक कोलकाता: सुबह 7:00 से 8:28 बजे तक अहमदाबाद: सुबह 8:03 से 9:30 बजे तक चेन्नई: सुबह 7:28 से 8:57 बजे तक 12 अक्टूबर को सूर्योदय और सूर्यास्त कब होगा? सूर्योदय: सुबह 6:19 बजे सूर्यास्त: शाम 5:54 बजे यह भी पढ़ें: नवरात्र के दूसरे दिन करें मां ब्रह्मचारिणी की पूजा शारदीय नवरात्र के दूसरे दिन मां दुर्गा के ब्रह्मचारिणी स्वरूप की उपासना की जाती है। देवी का यह रूप तपस्या, संयम, धैर्य और दृढ़ संकल्प का प्रतीक माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के मुताबिक, मां ब्रह्मचारिणी की पूजा करने से भक्तों को कठिन परिस्थितियों का सामना करने की शक्ति मिलती है और लक्ष्य प्राप्त करने के लिए प्रेरणा मिलती है। Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है loksatya इसकी पुष्टि नहीं करता है।