
आज दिनांक 10 सितंबर 2025, बुधवार को हिंदू पंचांग के अनुसार एक विशेष और धार्मिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण दिन है। आज संकष्टी चतुर्थी का व्रत है और साथ ही पितृ पक्ष के तीसरे एवं चौथे श्राद्ध का भी संयोग बन रहा है। यह दुर्लभ योग श्रद्धालुओं के लिए विशेष फलदायी माना गया है।
संकष्टी चतुर्थी का व्रत
संकष्टी चतुर्थी हर महीने कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को मनाई जाती है। यह व्रत विशेष रूप से भगवान गणेश को समर्पित होता है। इस दिन श्रद्धालु पूरे दिन व्रत रखते हैं और रात्रि में चंद्रमा के दर्शन के बाद व्रत का पारण करते हैं। मान्यता है कि इस व्रत को करने से जीवन की सभी विघ्न-बाधाएं दूर होती हैं और मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। यह दिन विशेष रूप से संतान सुख, स्वास्थ्य और सफलता की प्राप्ति के लिए शुभ माना जाता है।
पितृ पक्ष का श्राद्ध
पितृ पक्ष के दौरान हर दिन उन पितरों का श्राद्ध किया जाता है जिनकी मृत्यु उस विशेष तिथि को हुई हो। आज के दिन त्रयोदशी तिथि के अनुसार तीसरे और चौथे श्राद्ध का विशेष योग बन रहा है। इस दिन अपने पूर्वजों के निमित्त तर्पण, पिंडदान और श्राद्ध कर्म करने से उनका आशीर्वाद प्राप्त होता है और पितृ दोष से मुक्ति मिलती है।
शुभ मुहूर्त
ब्रह्म मुहूर्त: प्रातः 04:33 से 05:21 तक
अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 11:56 से 12:45 तक
संकष्टी चतुर्थी पूजा का समय: रात्रि 08:21 बजे के बाद चंद्र दर्शन होने पर
राहुकाल
दोपहर 12:00 बजे से 01:30 बजे तक राहुकाल रहेगा। इस समय किसी भी शुभ कार्य को टालना चाहिए।
क्या करें आज