हरियाणा के पानीपत से सामने आया यह मामला किसी मनोवैज्ञानिक थ्रिलर से कम नहीं है। एक महिला, जो देखने में बेहद साधारण और खूबसूरत लगती है, अंदर से इतनी खतरनाक सोच रखती थी कि उसने अपने ही परिवार के चार मासूम बच्चों की जिंदगी छीन ली। पुलिस पूछताछ में आए खुलासों ने पूरे प्रदेश को हिला दिया है। यह कहानी सिर्फ अपराध की नहीं, बल्कि एक ऐसी विकृत मानसिकता की है जो शक से परे थी—जब तक उसने खुद सब कबूल नहीं किया।
कैसे खुली पानीपत की सबसे सनसनीखेज हत्या श्रृंखला
पानीपत में पकड़ी गई आरोपी पूनम पहली नजर में किसी अपराधी जैसी नहीं दिखती। वही कारण था कि उसके अपराध सालों तक परिवारों की नजरों से छुपे रहे। जांच के मुताबिक, पूनम ने 2021 में पहली बार विद्धि नाम की बच्ची को निशाना बनाया। गर्म उबलती चाय से उसे झुलसाने की कोशिश को परिवार ने हादसा मान लिया, लेकिन यह सिर्फ शुरुआत थी।
खूबसूरती का जुनून… या खतरनाक मानसिक विकृति?
पुलिस के अनुसार, पूनम के मन में एक अजीब और खतरनाक जुनून था—सुंदर बच्चियों से नफरत। उसे डर था कि वे बड़ी होकर उससे ज्यादा आकर्षक न हो जाएं। इस जुनून ने उसे साइको किलर बना दिया। पूछताछ में उसने ठंडे दिमाग से कहा, “मैं सुंदर बच्चियों को बर्दाश्त नहीं कर पाती थी।”
2023 में उसने दो जानें लीं—इशिका और फिर अपने ही बेटे शुभम की। बेटे को मारने की वजह सुन पुलिस भी सन्न रह गई—शक खुद पर न आए।
2025 में फिर वार… और यहीं से खुला राज
2025 में जब विद्धि दूसरी बार निशाना बनी, पूनम ने उसे पानी के टब में डूबाकर खत्म करने की कोशिश की। लेकिन दरवाजा बाहर से बंद मिलने पर मामला संदिग्ध साबित हुआ। जांच गहराई तक पहुंची और पूनम की पूरी कहानी सामने आ गई।
पुलिस भी हैरान, समाज और ज्यादा स्तब्ध
जांच अधिकारियों के अनुसार, पूनम दिखने में स्मार्ट और शांत है, लेकिन उसकी सोच बेहद खतरनाक। अब पकड़े जाने के बाद वह पछतावा जता रही है, लेकिन चार मासूम जिन्दगियां लौट नहीं सकतीं।
लोग पूछ रहे हैं—क्या खूबसूरती के पीछे छिपा यह जुनून किसी हॉरर फिल्म से भी ज्यादा डरावना नहीं?