Panna National Park News: मध्य प्रदेश में पर्यटन सुविधाओं को बढ़ावा देने के लिए सरकार लगातार नए कदम उठा रही है। इसी कड़ी में सोमवार सुबह पन्ना टाइगर रिजर्व के मड़ला गेट से मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 10 नई वीविंग कैंटर बसों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। अब छोटे वाहनों की जगह बड़ी और आरामदायक कैंटर बसों के जरिए जंगल सफारी का अनुभव और भी मजेदार और सुविधाजनक हो जाएगा।
एक साथ 19 लोगों को सफारी का रोमांच
पर्यटन विकास निगम के अनुसार, नई कैंटर बसें पहले से कहीं ज्यादा लंबी, ऊंची और आरामदायक हैं। इन बसों में एक साथ 19 पर्यटक बैठ सकते हैं, जबकि जिप्सी में 3–4 लोगों की ही जगह होती है। बसों की ऊंचाई ज्यादा होने से पर्यटकों को जंगल, हरियाली और वन्यजीवों का बेहतर और विस्तृत दृश्य मिलेगा।
बच्चों और सीनियर सिटिज़न्स के लिए हुई सफर आसान
कैंटर बसें सुरक्षा की दृष्टि से पहले से कहीं बेहतर मानी जा रही हैं। बच्चों और वरिष्ठ नागरिकों के लिए यह सेवा बेहद लाभदायक साबित होगी, क्योंकि इसमें बैठने की जगह ज्यादा है और सफर भी अधिक स्थिर व सुरक्षित रहेगा। इससे पर्यटक पूरे सफर के दौरान खुद को सुरक्षित महसूस करेंगे और जंगल सफारी का आनंद बिना किसी असुविधा के ले सकेंगे।
अब गेट पर ही होगी सफारी बुकिंग – ऑनलाइन निर्भरता खत्म
नई बसों के संचालन के साथ ही अब पर्यटकों को सफारी स्लॉट की ऑनलाइन जल्दी भरने की चिंता नहीं रहेगी। पहले कई लोग ऑनलाइन बुकिंग न होने के कारण सफारी से वंचित रह जाते थे।
इन कैंटर बसों के आने के बाद नेशनल पार्क के एंट्री गेट पर ही सफारी बुकिंग की सुविधा उपलब्ध होगी, जिससे पर्यटक बिना प्री-बुकिंग भी सफारी का आनंद ले सकेंगे।
किराया कितना?
कैंटर बसों से सफारी करने के लिए पर्यटकों को प्रति व्यक्ति / प्रति राउंड 1150 से 1450 रुपए तक शुल्क देना होगा। यह शुल्क पार्क और शिफ्ट के अनुसार तय किया गया है।
कई नेशनल पार्कों में शुरू होगी कैंटर सेवा
ये 10 नई वीविंग कैंटर बसें सिर्फ पन्ना ही नहीं, बल्कि प्रदेश के अन्य प्रमुख राष्ट्रीय उद्यानों—
बांधवगढ़, कान्हा, पेंच, पन्ना, परसिली (सीधी) सहित अन्य पर्यटन स्थलों पर भी जल्द संचालित होंगी। सरकार का लक्ष्य है कि बढ़ते पर्यटक आंकड़ों को ध्यान में रखते हुए वन्य पर्यटन को और अधिक सुविधाजनक बनाया जाए।