मध्यप्रदेश की हीरा नगरी पन्ना एक बार फिर चर्चा में है। यहां की एक महिला मजदूर ने 2 साल की मेहनत, तपस्या और धैर्य के साथ अपने सपनों को सच कर दिखाया है। चोपड़ा गांव की सावित्री सिसोदिया को निजी खदान में खुदाई करते वक्त 2.69 कैरेट का बेशकीमती हीरा मिला है। अब ये हीरा नीलामी में जाएगा और इससे मिलने वाली मोटी रकम सावित्री के जीवन को एक नई दिशा देगी। पन्ना की धरती ने फिर साबित किया है कि अगर मेहनत सच्ची हो, तो किस्मत जरूर साथ देती है।
दो साल से कर रही थीं हीरे की तलाश
पन्ना जिले की निवासी सावित्री सिसोदिया बीते दो वर्षों से लगातार निजी पट्टे की खदान में खुदाई कर रहीं थीं। उनका सपना था कि उन्हें भी एक दिन हीरा मिलेगा। तपती धूप, बारिश और सर्दी में भी वे खुदाई में जुटी रहीं। अंततः उनकी मेहनत रंग लाई और उन्हें 2.69 कैरेट का एक बेशकीमती हीरा मिला।
हीरा मिलते ही खुशी से झूमी सावित्री
सावित्री को जैसे ही खदान में यह चमकदार पत्थर दिखा, उनकी आंखें खुशी से भर आईं। उन्होंने बताया कि यह हीरा उनके परिवार की जिंदगी बदल देगा। सावित्री ने हाल ही में तीसरी बार अपने खदान पट्टे को रिन्यू कराया था और खुदाई जारी रखी थी। हीरे की तलाश में उन्होंने कभी हार नहीं मानी।
कार्यालय में कराया जमा, होगी नीलामी
हीरे को सावित्री ने नियमों के मुताबिक हीरा कार्यालय में जमा करा दिया है। हीरा पारखी अनुपम सिंह ने बताया कि यह 2.69 कैरेट का कम उज्जवल किस्म का हीरा है, लेकिन इसकी कीमत लाखों में होगी। हीरे को आगामी नीलामी में रखा जाएगा और बिक्री से मिलने वाली राशि में से टैक्स और रॉयल्टी काटकर शेष राशि सावित्री को दी जाएगी।
अब तक इस साल मिल चुके हैं 20 हीरे
हीरे की यह खोज सिर्फ सावित्री के लिए नहीं, बल्कि पन्ना के लिए भी खास है। इस साल अब तक पन्ना की विभिन्न खदानों से कुल 20 हीरे मिल चुके हैं, जो यह दर्शाता है कि यहां की धरती वास्तव में बेशकीमती खजाने से भरी हुई है।
यह है असली ‘खुदाई’ का इनाम
सावित्री की कहानी उन हजारों लोगों के लिए प्रेरणा है, जो सपनों को पाने के लिए मेहनत तो करते हैं, लेकिन किस्मत का इंतजार नहीं छोड़ते। यह चमकदार पत्थर सिर्फ हीरा नहीं, बल्कि एक संघर्षशील महिला की मेहनत, उम्मीद और जज्बे का प्रतीक है।