गर्मियों में क्यों खाया जाता है पांता भात? भीषण गर्मी के मौसम में शरीर को ठंडा और हल्का रखने के लिए लोग पारंपरिक भोजन की ओर लौट रहे हैं। इन्हीं पारंपरिक व्यंजनों में एक नाम है पांता भात। यह खासतौर पर बंगाल, असम और ओडिशा में लोकप्रिय है। पके हुए चावल को रातभर पानी में भिगोकर रखा जाता है और सुबह इसे नमक, प्याज, हरी मिर्च या सरसों के तेल के साथ खाया जाता है। हाल के कई समाचार लेखों में इसे गर्मियों का “देसी सुपरफूड” बताया गया है क्योंकि यह शरीर को ठंडक देने के साथ पाचन को भी बेहतर बनाता है.
शरीर को देता है प्राकृतिक ठंडक
गर्मियों में तेज धूप और उमस के कारण शरीर जल्दी थक जाता है। ऐसे समय में पांता भात शरीर का तापमान संतुलित रखने में मदद करता है। इसमें मौजूद पानी और प्राकृतिक खमीर शरीर को हाइड्रेटेड रखते हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, यह भोजन पेट को शांत रखता है और लू जैसी समस्याओं से बचाने में सहायक हो सकता है। यही कारण है कि गांवों में किसान और मजदूर लंबे समय से इसका सेवन करते आ रहे हैं.
पाचन के लिए फायदेमंद
पांता भात को रातभर रखने से इसमें हल्का फर्मेंटेशन हो जाता है। इस प्रक्रिया से इसमें अच्छे बैक्टीरिया विकसित होते हैं, जो आंतों के लिए लाभकारी माने जाते हैं. यह भोजन आसानी से पच जाता है और पेट में भारीपन महसूस नहीं होने देता। कई स्वास्थ्य रिपोर्टों में बताया गया है कि गर्मियों में तला-भुना खाने की बजाय हल्का और फर्मेंटेड भोजन अधिक लाभकारी होता है.
पोषण से भरपूर देसी भोजन
हालांकि यह बेहद साधारण दिखता है, लेकिन पोषण के मामले में पांता भात काफी समृद्ध माना जाता है। विशेषज्ञों का कहना है कि फर्मेंटेशन के कारण इसमें कुछ पोषक तत्वों की मात्रा बढ़ जाती है। इसमें ऊर्जा देने वाले कार्बोहाइड्रेट, खनिज और इलेक्ट्रोलाइट्स पाए जाते हैं, जो गर्मियों में कमजोरी और थकान को कम करने में मदद करते हैं। कई लोग इसे दही, आलू भर्ता या हरी सब्जियों के साथ भी खाते हैं, जिससे इसका स्वाद और पौष्टिकता दोनों बढ़ जाते हैं.
बदलते समय में फिर बढ़ रही लोकप्रियता
एक समय ऐसा था जब पांता भात को केवल गरीबों या ग्रामीण इलाकों का भोजन माना जाता था, लेकिन अब शहरों में भी इसकी लोकप्रियता बढ़ रही है। सोशल मीडिया और स्वास्थ्य विशेषज्ञों की चर्चाओं के बाद लोग पारंपरिक भारतीय खानपान को नए नजरिए से देखने लगे हैं। कई समाचार रिपोर्टों में इसे “समर सुपरफूड” कहा गया है। आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में यह सस्ता, सरल और स्वास्थ्यवर्धक विकल्प बनकर उभर रहा है.