
बिहार में विधानसभा चुनावों को लेकर हर पार्टी वोटरों को लुभाने के नए नए पैंतरे अपना रही है. कोई नई- नई विकास योजनाओं को लाने का दावा कर रहा है. तो कोई वोटरों के लिए खाने-पीने का सामान बांट रहा है. जो कि हर जगह चुनावों में किया जाना एक तरह से आम सी बात है. मगर पूर्णिया सांसद पप्पू यादव इस मामले में दो कदम आगे निकल गए.
सांसद को आयकर विभाग का नोटिस
दरअसल चुनाव से पहले सांसद पप्पू यादव ने लोगों को लुभाने के लिए खुलेआम रुपये बांटना शुरू कर दिया. सांसद जी ने राज्य में आचार संहिता लागू होने के बावजूद लोगों के बीच जाकर नगद रूपये बांटे थे. जो कि अब सांसद महोदय को भारी पड़ गया है. जिसके बाद आयकर विभाग ने सांसद पप्पू यादव को नोटिस भेज दिया. जिसकी जानकारी सांसद ने खुद एक्स हेंडल पर पोस्ट कर दी. इसके साथ ही उन्होंने लिखा- यदि बाढ़ पीड़ितों की मदद करना अपराध है, तो मैं यह अपराध सदैव करूंगा.
80 बाढ़ प्रभावित परिवारों को बांटी राशि
फिलहाल पूर्णिया सांसद पप्पू यादव की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार हाल ही में अक्टूबर महीने की शुरुआत में उनके खिलाफ चुनाव आयोग ने संज्ञान लिया था. बताया जा रहा है कि वैशाली के गणियारी गांव में नदी के किनारे लगातार हो रहे कटाव के चलते दर्जनों परिवार बेघर हो गए थे. तब वहां पप्पू यादव ने मौके पर पहुंचकर इन बाढ़ पीड़ितों की समस्याएं सुनीं और उन्हें आर्थिक सहायता प्रदान की थी. इस दौरान सांसद ने बताया था कि लगभग 80 प्रभावित परिवारों को मदद के तौर पर करीब 5 लाख रुपये नकद वितरित किए गए हैं. जिसके बाद चुनाव आयोग ने उनके खिलाफ केस दर्ज कर लिया था. बता दें कि चुनाव आयोग के सख्त नियमों के मुताबिक आचार संहिता लागू हो जाने पर कोई भी राजनेता या जनप्रतिनिधि सार्वजनिक रूप से नकद राशि, उपहार या किसी प्रकार की आर्थिक सहायता नहीं दे सकता है. ऐसा किया जाना मतदाताओं को प्रभावित करने की कोशिश मानी जाती है.
पूर्णिया सांसद ने नोटिस पर की ये पोस्ट
पूर्णिया सांसद पप्पू यादव ने अपने एक्स हेंडल पर पोस्ट कर आयकर विभाग का नोटिस मिलने की जानकारी दी है. इस पोस्ट में उन्होंने लिखा है कि- “मुझे इनकम टैक्स का नोटिस मिला है, बाढ़ पीड़ितों की मदद में रुपये बांटने को अपराध बताया है. यह अपराध है तो मैं हर वंचित पीड़ित की सहायता का अपराध सदैव करता रहूंगा! वैशाली जिले के नयागांव पूर्वी पंचायत अंतर्गत मनियारी गांव के बाढ़ पीड़ितों जिनका घर-द्वार सब गंगाजी में विलीन हो गया, उनकी सहायता ना करता तो क्या गृह राज्य मंत्री, स्थानीय MP जैसे स्वघोषित CM उम्मीदवारों की तरह मूकदर्शक बन कर देखता रहता?”